Correct Answer:
Option C - ‘धर्मबुद्धि’ में कर्मधारय समास है। कर्मधारय समास- जिस तत्पुरुष समास के समस्त होने वाले पद समानाधिकरण हों, अर्थात् विशेष्य-विशेषण भाव को प्राप्त हों, कर्ताकारक के हों और लिंग-वचन में समान हो, वहाँ ‘कर्मधारय तत्पुरुष समास’ होता है, उदाहरण- शीतोषण (ठण्डा-गरम) कुमारी-क्वाँरी लड़की।
C. ‘धर्मबुद्धि’ में कर्मधारय समास है। कर्मधारय समास- जिस तत्पुरुष समास के समस्त होने वाले पद समानाधिकरण हों, अर्थात् विशेष्य-विशेषण भाव को प्राप्त हों, कर्ताकारक के हों और लिंग-वचन में समान हो, वहाँ ‘कर्मधारय तत्पुरुष समास’ होता है, उदाहरण- शीतोषण (ठण्डा-गरम) कुमारी-क्वाँरी लड़की।