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Q: ‘धर्मबुद्धि’ में समास है:
  • A. तत्पुरुष
  • B. बहव्रीहि
  • C. कर्मधारय
  • D. द्वंद्व
Correct Answer: Option C - ‘धर्मबुद्धि’ में कर्मधारय समास है। कर्मधारय समास- जिस तत्पुरुष समास के समस्त होने वाले पद समानाधिकरण हों, अर्थात् विशेष्य-विशेषण भाव को प्राप्त हों, कर्ताकारक के हों और लिंग-वचन में समान हो, वहाँ ‘कर्मधारय तत्पुरुष समास’ होता है, उदाहरण- शीतोषण (ठण्डा-गरम) कुमारी-क्वाँरी लड़की।
C. ‘धर्मबुद्धि’ में कर्मधारय समास है। कर्मधारय समास- जिस तत्पुरुष समास के समस्त होने वाले पद समानाधिकरण हों, अर्थात् विशेष्य-विशेषण भाव को प्राप्त हों, कर्ताकारक के हों और लिंग-वचन में समान हो, वहाँ ‘कर्मधारय तत्पुरुष समास’ होता है, उदाहरण- शीतोषण (ठण्डा-गरम) कुमारी-क्वाँरी लड़की।

Explanations:

‘धर्मबुद्धि’ में कर्मधारय समास है। कर्मधारय समास- जिस तत्पुरुष समास के समस्त होने वाले पद समानाधिकरण हों, अर्थात् विशेष्य-विशेषण भाव को प्राप्त हों, कर्ताकारक के हों और लिंग-वचन में समान हो, वहाँ ‘कर्मधारय तत्पुरुष समास’ होता है, उदाहरण- शीतोषण (ठण्डा-गरम) कुमारी-क्वाँरी लड़की।