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Q: धनिया और झुनिया प्रेमचंद के किस उपन्यास के पात्र हैं?
  • A. गबन
  • B. गोदान
  • C. कर्मभूमि
  • D. प्रेमाश्रय
Correct Answer: Option B - धनिया और झुनिया उपन्यास सम्राट प्रेमचन्द के अन्तिम उपन्यास गोदान (1936 ई.) के प्रमुख स्त्री पात्र हैं। धनिया उपन्यास के सर्वप्रमुख पात्र होरी की पत्नी है। कृषक जीवन की त्रासदी पर लिखे गए `गोदान' उपन्यास के अन्य पात्र - होरी, गोबर, भोला, राय साहब, खन्ना, मालती, प्रो. मेहता, सम्पादक ओंकारनाथ, झुनिया, गोविन्दी, दुलारी, सिलिया आदि हैं। `सेवा सदन', `प्रेमाश्रय', `रंगभूमि', `कायाकल्प', `निर्मला', `गबन', `कर्मभूमि', `वरदान', प्रतिज्ञा आदि प्रेमचन्द के अन्य उपन्यास हैं।
B. धनिया और झुनिया उपन्यास सम्राट प्रेमचन्द के अन्तिम उपन्यास गोदान (1936 ई.) के प्रमुख स्त्री पात्र हैं। धनिया उपन्यास के सर्वप्रमुख पात्र होरी की पत्नी है। कृषक जीवन की त्रासदी पर लिखे गए `गोदान' उपन्यास के अन्य पात्र - होरी, गोबर, भोला, राय साहब, खन्ना, मालती, प्रो. मेहता, सम्पादक ओंकारनाथ, झुनिया, गोविन्दी, दुलारी, सिलिया आदि हैं। `सेवा सदन', `प्रेमाश्रय', `रंगभूमि', `कायाकल्प', `निर्मला', `गबन', `कर्मभूमि', `वरदान', प्रतिज्ञा आदि प्रेमचन्द के अन्य उपन्यास हैं।

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धनिया और झुनिया उपन्यास सम्राट प्रेमचन्द के अन्तिम उपन्यास गोदान (1936 ई.) के प्रमुख स्त्री पात्र हैं। धनिया उपन्यास के सर्वप्रमुख पात्र होरी की पत्नी है। कृषक जीवन की त्रासदी पर लिखे गए `गोदान' उपन्यास के अन्य पात्र - होरी, गोबर, भोला, राय साहब, खन्ना, मालती, प्रो. मेहता, सम्पादक ओंकारनाथ, झुनिया, गोविन्दी, दुलारी, सिलिया आदि हैं। `सेवा सदन', `प्रेमाश्रय', `रंगभूमि', `कायाकल्प', `निर्मला', `गबन', `कर्मभूमि', `वरदान', प्रतिज्ञा आदि प्रेमचन्द के अन्य उपन्यास हैं।