Correct Answer:
Option D - धूमक एक ऐसा कीटनाशक होता है जो सामान्य ताप एवं दाब पर गैसीय अवस्था में परिवर्तित होकर कीटों के श्वसन छिद्रों के रास्ते से श्वास नलिकाओं में पहुँचकर उनके तन्त्रिका तंत्र को प्रभावित कर उन्हें मार डालता है। ये सभी प्रकार के कीटों को मार सकता है। इसका प्रयोग मुख्य रूप से भण्डारण में लगने वाले कीटों के लिए किया जाता है।
जैसे :- कार्बन डाइसल्फाइड, कार्बन टेट्राक्लोराइड, क्लोरोपिक्रिन मिथाइल ब्रोमाइड, नेफ्थालीन, निकोटीन आदि।
D. धूमक एक ऐसा कीटनाशक होता है जो सामान्य ताप एवं दाब पर गैसीय अवस्था में परिवर्तित होकर कीटों के श्वसन छिद्रों के रास्ते से श्वास नलिकाओं में पहुँचकर उनके तन्त्रिका तंत्र को प्रभावित कर उन्हें मार डालता है। ये सभी प्रकार के कीटों को मार सकता है। इसका प्रयोग मुख्य रूप से भण्डारण में लगने वाले कीटों के लिए किया जाता है।
जैसे :- कार्बन डाइसल्फाइड, कार्बन टेट्राक्लोराइड, क्लोरोपिक्रिन मिथाइल ब्रोमाइड, नेफ्थालीन, निकोटीन आदि।