Correct Answer:
Option C - लाभ-हानि खाते के प्रतिकूल शेष (Unfavourable Balance) को पूंंजी में से घटाना चाहिए जबकि अनुकूल शेष को पूंजी में जोड़ना चाहिए। लाभ की दशा में पूँजी लाभ के बराबर राशि से बढ़ जाती है, तथा हानि की दशा में हानि के बराबर राशि से कम हो जाती है।
C. लाभ-हानि खाते के प्रतिकूल शेष (Unfavourable Balance) को पूंंजी में से घटाना चाहिए जबकि अनुकूल शेष को पूंजी में जोड़ना चाहिए। लाभ की दशा में पूँजी लाभ के बराबर राशि से बढ़ जाती है, तथा हानि की दशा में हानि के बराबर राशि से कम हो जाती है।