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Q: यौगिक शब्दों की रचना के आधार हैं–
  • A. उपसर्ग एवं प्रत्यय
  • B. उपसर्ग, प्रत्यय, सन्धि और समास
  • C. सन्धि एवं समास
  • D. इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - यौगिक शब्दों की रचना के आधार है– उपसर्ग, प्रत्यय, संधि और समास। हिन्दी के ऐसे शब्द जो दो शब्दों या शब्द खंडो से मिलकर (योग होकर) बनते हैं, यौगिक शब्द कहलाते हैं। इनके अलग-अलग खण्डों का भी अपना अर्थ होता है किन्तु आपस में जुड़कर अर्थ में परिवर्तन ला देते है या अर्थ के मूल्य को बढ़ा देते हैं। यौगिक शब्दों की रचना प्राय: रूढ़ शब्दों के आदि (प्रारंभ) या अंत के शब्दांशों के जुड़ने से होती है। यौगिक का अर्थ है जुड़ा हुआ। जब किसी रूढ़ शब्द के साथ कोई अर्थवान शब्द या शब्द खण्ड (उपसर्ग व प्रत्यय) जुड़ता है तो वह यौगिक शब्द बन जाता है।
B. यौगिक शब्दों की रचना के आधार है– उपसर्ग, प्रत्यय, संधि और समास। हिन्दी के ऐसे शब्द जो दो शब्दों या शब्द खंडो से मिलकर (योग होकर) बनते हैं, यौगिक शब्द कहलाते हैं। इनके अलग-अलग खण्डों का भी अपना अर्थ होता है किन्तु आपस में जुड़कर अर्थ में परिवर्तन ला देते है या अर्थ के मूल्य को बढ़ा देते हैं। यौगिक शब्दों की रचना प्राय: रूढ़ शब्दों के आदि (प्रारंभ) या अंत के शब्दांशों के जुड़ने से होती है। यौगिक का अर्थ है जुड़ा हुआ। जब किसी रूढ़ शब्द के साथ कोई अर्थवान शब्द या शब्द खण्ड (उपसर्ग व प्रत्यय) जुड़ता है तो वह यौगिक शब्द बन जाता है।

Explanations:

यौगिक शब्दों की रचना के आधार है– उपसर्ग, प्रत्यय, संधि और समास। हिन्दी के ऐसे शब्द जो दो शब्दों या शब्द खंडो से मिलकर (योग होकर) बनते हैं, यौगिक शब्द कहलाते हैं। इनके अलग-अलग खण्डों का भी अपना अर्थ होता है किन्तु आपस में जुड़कर अर्थ में परिवर्तन ला देते है या अर्थ के मूल्य को बढ़ा देते हैं। यौगिक शब्दों की रचना प्राय: रूढ़ शब्दों के आदि (प्रारंभ) या अंत के शब्दांशों के जुड़ने से होती है। यौगिक का अर्थ है जुड़ा हुआ। जब किसी रूढ़ शब्द के साथ कोई अर्थवान शब्द या शब्द खण्ड (उपसर्ग व प्रत्यय) जुड़ता है तो वह यौगिक शब्द बन जाता है।