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Q: The top flow line of saturated soil mass below which seepage takes place is called is ..... This line separates a saturated soil mass from an unsaturated soil mass. संतृप्त मृदा द्रव्यमान की शीर्ष प्रवाह रेखा जिसके नीचे रिसाव होता है, ........कहलाती है। यह रेखा संतृप्त मृदा द्रव्यमान को असंतृप्त मृदा द्रव्यामान से अलग करती है।
  • A. Equipotential line/समविभव रेखा
  • B. Hydrostatic /द्रव स्थैतिक
  • C. Phreatic line/ फ्रियेटिक रेखा
  • D. Flow line/प्रवाह रेखा
Correct Answer: Option C - मृदा बाँध में सीपेज के दौरान सबसे ऊपर स्थित सीपेज रेखा को फ्रियेटिक रेखा (Phreatic line) कहते हैं। फ्रियेटिक रेखा के गुण– ■ फ्रियेटिक रेखा परवलयाकार (Parabolic) होती है। ■ इस पर वायुमण्डलीय दाब कार्य करता है। ■ इस पर हाइड्रोस्टेटिक दाब का मान शून्य होता है। ■ इस रेखा के ऊपर केशिकात्व के कारण कुछ मृदा संतृप्त हो जाती है। ■ फ्रियेटिक रेखा के ऊपर ऋणात्मक हाइड्रोस्टेटिक दाब होता है। ■ फ्रियेटिक रेखा के नीचे धनात्मक हाइड्रोस्टेटिक दाब होता है। ■ फ्रियेटिक रेखा संतृप्त मृदा द्रव्यमान को असंतृप्त मृदा द्रव्यमान से अलग करती है।
C. मृदा बाँध में सीपेज के दौरान सबसे ऊपर स्थित सीपेज रेखा को फ्रियेटिक रेखा (Phreatic line) कहते हैं। फ्रियेटिक रेखा के गुण– ■ फ्रियेटिक रेखा परवलयाकार (Parabolic) होती है। ■ इस पर वायुमण्डलीय दाब कार्य करता है। ■ इस पर हाइड्रोस्टेटिक दाब का मान शून्य होता है। ■ इस रेखा के ऊपर केशिकात्व के कारण कुछ मृदा संतृप्त हो जाती है। ■ फ्रियेटिक रेखा के ऊपर ऋणात्मक हाइड्रोस्टेटिक दाब होता है। ■ फ्रियेटिक रेखा के नीचे धनात्मक हाइड्रोस्टेटिक दाब होता है। ■ फ्रियेटिक रेखा संतृप्त मृदा द्रव्यमान को असंतृप्त मृदा द्रव्यमान से अलग करती है।

Explanations:

मृदा बाँध में सीपेज के दौरान सबसे ऊपर स्थित सीपेज रेखा को फ्रियेटिक रेखा (Phreatic line) कहते हैं। फ्रियेटिक रेखा के गुण– ■ फ्रियेटिक रेखा परवलयाकार (Parabolic) होती है। ■ इस पर वायुमण्डलीय दाब कार्य करता है। ■ इस पर हाइड्रोस्टेटिक दाब का मान शून्य होता है। ■ इस रेखा के ऊपर केशिकात्व के कारण कुछ मृदा संतृप्त हो जाती है। ■ फ्रियेटिक रेखा के ऊपर ऋणात्मक हाइड्रोस्टेटिक दाब होता है। ■ फ्रियेटिक रेखा के नीचे धनात्मक हाइड्रोस्टेटिक दाब होता है। ■ फ्रियेटिक रेखा संतृप्त मृदा द्रव्यमान को असंतृप्त मृदा द्रव्यमान से अलग करती है।