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Q: The tiles are burnt in typical kiln, known as टाइलों को विशिष्ट भट्ठी में पकाया जाता है, जिसे कहा जाता है-
  • A. Sialkot kiln/सियालकोट भट्ठा
  • B. Cupola furnace/कुपोला भट्ठा
  • C. Hoffman’s kiln/हॉफमैन
  • D. Clamps/क्लैम्प
Correct Answer: Option A - जब ईटों की मोटाई 4 cm अथवा इससे कम रखी जाती है तो इन्हे टाइलों के नाम से जाना जाता है। टाइलें पकाने का भट्ठा गोलाकार होता है। इसे सियालकोटी भट्ठा भी कहते है। अच्छी टाइल की विशेषताए निम्न है- (i) यह पूर्णत: दृढ कठोर व टिकाऊ होनी चाहिए। (ii) टाइलों का माप व आकार समान होना चाहिए। (iii) इसमें दरार, ऐंठन या अन्य कोई दोष न हो। (iv) यह काँचित व समान रंग-रूप की होनी चाहिए।
A. जब ईटों की मोटाई 4 cm अथवा इससे कम रखी जाती है तो इन्हे टाइलों के नाम से जाना जाता है। टाइलें पकाने का भट्ठा गोलाकार होता है। इसे सियालकोटी भट्ठा भी कहते है। अच्छी टाइल की विशेषताए निम्न है- (i) यह पूर्णत: दृढ कठोर व टिकाऊ होनी चाहिए। (ii) टाइलों का माप व आकार समान होना चाहिए। (iii) इसमें दरार, ऐंठन या अन्य कोई दोष न हो। (iv) यह काँचित व समान रंग-रूप की होनी चाहिए।

Explanations:

जब ईटों की मोटाई 4 cm अथवा इससे कम रखी जाती है तो इन्हे टाइलों के नाम से जाना जाता है। टाइलें पकाने का भट्ठा गोलाकार होता है। इसे सियालकोटी भट्ठा भी कहते है। अच्छी टाइल की विशेषताए निम्न है- (i) यह पूर्णत: दृढ कठोर व टिकाऊ होनी चाहिए। (ii) टाइलों का माप व आकार समान होना चाहिए। (iii) इसमें दरार, ऐंठन या अन्य कोई दोष न हो। (iv) यह काँचित व समान रंग-रूप की होनी चाहिए।