Correct Answer:
Option D - प्रकाश तंत्र - II (PS-II) अर्थात P₆₈₀ से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन फियोफाइटिन, प्लास्टोक्यूनोन, साइटोक्रोम b₆-f और पलास्टोसायनिन से होकर वर्णक तंत्र P₇₀₀ में चले जाते है। इस दौरान प्लास्टोक्यूनोन और साइटोक्रोम b₆-f के बीच ATP अणुओं का निर्माण होता है इसमें इलेक्ट्रान P₆₈₀ में वापस नहीं लौटते, इसलिए इसे अचक्रीय प्रकाश फॉस्फोरिलीकरण कहते हैं। जबकि प्रकाश तंत्र -I में P₇₀₀ से उत्सर्जित इलेक्ट्रान क्रमश: फेरीडॉक्सिन साइट्रोक्रोम b₆-f यौगिक तथा प्लास्टोसायनिन से होते हुए पुन: P₇₀₀+ में वापस लौटते हैं इसलिए इसे चक्रीय प्रकाश फॉस्फोरिलीकरण कहते है।
D. प्रकाश तंत्र - II (PS-II) अर्थात P₆₈₀ से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन फियोफाइटिन, प्लास्टोक्यूनोन, साइटोक्रोम b₆-f और पलास्टोसायनिन से होकर वर्णक तंत्र P₇₀₀ में चले जाते है। इस दौरान प्लास्टोक्यूनोन और साइटोक्रोम b₆-f के बीच ATP अणुओं का निर्माण होता है इसमें इलेक्ट्रान P₆₈₀ में वापस नहीं लौटते, इसलिए इसे अचक्रीय प्रकाश फॉस्फोरिलीकरण कहते हैं। जबकि प्रकाश तंत्र -I में P₇₀₀ से उत्सर्जित इलेक्ट्रान क्रमश: फेरीडॉक्सिन साइट्रोक्रोम b₆-f यौगिक तथा प्लास्टोसायनिन से होते हुए पुन: P₇₀₀+ में वापस लौटते हैं इसलिए इसे चक्रीय प्रकाश फॉस्फोरिलीकरण कहते है।