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Q: The Tebhaga Movement in Bengal during the 1940s demanded :/1940 के दशक के दौरान बंगाल में तेभागा आंदोलन ने मांग की
  • A. Complete abolition of zamindari system जमींदारी प्रथा का पूर्ण उन्मूलन
  • B. Redistribution of surplus land among landless peasants/भूमिहीन किसानों के बीच अधिशेष भूमि का पुनर्वितरण
  • C. A one-third share of crops to be given to sharecroppers/फसल का एक तिहाई हिस्सा बटाईदारों को दिया जाएगा।
  • D. More than one of the above उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. None of the above/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - बंगाल में तेभागा आंदोलन 1946 से 1947 के बीच हुआ। ‘‘तेभागा’’ का शाब्दिक अर्थ फसल का तीसरा हिस्सा होता है। यह आंदोलन उत्पादन के हिस्से को कर के रुप में आधे से एक तिहाई हिस्सा बटाईदारों को देने के लिए था। जो परम्परागत रुप से जोतदार मध्यम, भूस्वामी को दिया जाता था। यह आंदोलन उत्तर बंगाल में शुरू हुआ और पूर्वी बंगाल के दिनाजपुर और रंगपुर जिलों तथा पश्चिमी बंगाल के जलपाईगुरी और मालदा तक फैला गया था।
C. बंगाल में तेभागा आंदोलन 1946 से 1947 के बीच हुआ। ‘‘तेभागा’’ का शाब्दिक अर्थ फसल का तीसरा हिस्सा होता है। यह आंदोलन उत्पादन के हिस्से को कर के रुप में आधे से एक तिहाई हिस्सा बटाईदारों को देने के लिए था। जो परम्परागत रुप से जोतदार मध्यम, भूस्वामी को दिया जाता था। यह आंदोलन उत्तर बंगाल में शुरू हुआ और पूर्वी बंगाल के दिनाजपुर और रंगपुर जिलों तथा पश्चिमी बंगाल के जलपाईगुरी और मालदा तक फैला गया था।

Explanations:

बंगाल में तेभागा आंदोलन 1946 से 1947 के बीच हुआ। ‘‘तेभागा’’ का शाब्दिक अर्थ फसल का तीसरा हिस्सा होता है। यह आंदोलन उत्पादन के हिस्से को कर के रुप में आधे से एक तिहाई हिस्सा बटाईदारों को देने के लिए था। जो परम्परागत रुप से जोतदार मध्यम, भूस्वामी को दिया जाता था। यह आंदोलन उत्तर बंगाल में शुरू हुआ और पूर्वी बंगाल के दिनाजपुर और रंगपुर जिलों तथा पश्चिमी बंगाल के जलपाईगुरी और मालदा तक फैला गया था।