Explanations:
IS 456:2000 के अनुसार- 1. दरारो की सतह की चौड़ाई सामान्य तौर पर उन सदस्यों में 0.3 मिमी से अधिक नही होनी चाहिए जहाँ दरारें हानिकारक नहीं होती है और प्रबलन इस्पात और संरचनाओ के स्थायित्व पर कोई गंभीर प्रतिकूल प्रभाव नही पड़ता है। 2. उन सदस्यो में जहाँ तनन क्षेत्र में दरारें हानिकारक है या तो वे मौसम के प्रभावो के संपर्क में है या लगातार नमी या मिट्टी या भूजल के संपर्क में है दरार की अधिकतम चौड़ाई के लिए 0.2 मिमी की ऊपरी सीमा का सुझाव दिया गया है। 3. गंभीर श्रेणी के लिए दरार की सतह चौड़ाई सामान्य रूप से 0.1 मिमी से अधिक नही होनी चाहिए