Correct Answer:
Option A - कोशा, जीवधारियों की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है, जो अवकलीय पारगम्य कला से घिरी होती है और जिसमें प्राय: स्वत: जनन की सामथ्र्य होती है। यह विभिन्न पदार्थों का वह छोटा से छोटा रूप है, जिसमें वे सभी क्रियाएँ होती हैं, जिसे हम सामूहिक रूप से जीवन कहते हैं। कोशिका के अध्ययन को साइटोलॉजी कहते हैं।
A. कोशा, जीवधारियों की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है, जो अवकलीय पारगम्य कला से घिरी होती है और जिसमें प्राय: स्वत: जनन की सामथ्र्य होती है। यह विभिन्न पदार्थों का वह छोटा से छोटा रूप है, जिसमें वे सभी क्रियाएँ होती हैं, जिसे हम सामूहिक रूप से जीवन कहते हैं। कोशिका के अध्ययन को साइटोलॉजी कहते हैं।