Correct Answer:
Option C - अधिक तिखी ढाल के मामले में, (3% से अधिक तिखी) इंजन के लिए ट्रेन के भार को खींचना मुश्किल हो जाता है। इस प्रकार ट्रेन का नीचे की ओर स्लाइड करना या डाउन ग्रेड के साथ वापस खिसकना संभव होता है।
रैक रेलवे सिस्टम में तीन रेल होते हैं, यानी दो सामान्य रेल के अलावा बीच में एक अतिरिक्त दांतेदार रेल। इंजन में एक दांतेदार पिनियन व्हील भी होता है जिसके दांत केन्द्रीय दांतेदार रेल के खॉचे में फिट होते हैं। यह लॉकिंग व्यवस्था ट्रेन के भार को ढोने में मदद करती है और इंजन को वापस फिसलने से रोकती है। भारतीय रेलवे में कई ऐसी प्रणालियाँ मौजूद है, जैसे– फेल सिस्टम, रिगेन बैक सिस्टम और मार्श सिस्टम, प्रत्येक की अपनी विशेषताऐं हैं।
C. अधिक तिखी ढाल के मामले में, (3% से अधिक तिखी) इंजन के लिए ट्रेन के भार को खींचना मुश्किल हो जाता है। इस प्रकार ट्रेन का नीचे की ओर स्लाइड करना या डाउन ग्रेड के साथ वापस खिसकना संभव होता है।
रैक रेलवे सिस्टम में तीन रेल होते हैं, यानी दो सामान्य रेल के अलावा बीच में एक अतिरिक्त दांतेदार रेल। इंजन में एक दांतेदार पिनियन व्हील भी होता है जिसके दांत केन्द्रीय दांतेदार रेल के खॉचे में फिट होते हैं। यह लॉकिंग व्यवस्था ट्रेन के भार को ढोने में मदद करती है और इंजन को वापस फिसलने से रोकती है। भारतीय रेलवे में कई ऐसी प्रणालियाँ मौजूद है, जैसे– फेल सिस्टम, रिगेन बैक सिस्टम और मार्श सिस्टम, प्रत्येक की अपनी विशेषताऐं हैं।