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Q: प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से प्रेमचंद के उपन्यासों का सही क्रम है।
  • A. गोदान, निर्मला, कर्मभूमि, रंगभूमि
  • B. रंगभूमि, निर्मला, गोदान, कर्मभूमि
  • C. रंगभूमि, निर्मला, कर्मभूमि, गोदान
  • D. रंगभूमि, कर्मभूमि, निर्मला, गोदान
Correct Answer: Option C - रंगभूमि 1925 यह उर्दू उपन्यास ‘चौगाने हस्ती’ का रूपान्तरण किया गया, इसे प्रेमचन्द का पहला चरित्र प्रधान उपन्यास माना गया इसके प्रमुख पात्र हैं- सूरदास, जानसेवक, महेन्द्र कुमार, सोफिया और डॉ. विनय। निर्मला-1927 ई. इसमें दहेज प्रथा एवं अनमेल विवाह की समस्या वर्णित है। इसमें प्रमुख पात्र-निर्मला, तोताराम। कर्मभूमि-1933 इसके पाँचवे भाग में हिन्दु मुस्लिम एकता अछूतोद्धार किसानों का उत्थान, हरिजन समस्या इत्यादि का वर्णन है। पात्र-शान्तिकुमार, सुभद्रा, अमरकान्त गोदान-1936, यह रचना ‘अवधप्रान्त के दो गाँवों (सेमरी व बेलारी) के बीच की है, यह ‘यथार्थवादी रचना है, गोदान भारतीय किसानों का मर्मस्पर्शी, करूणा और त्रासदी का दस्तावेज है, पात्र-होरी, गोबर, धनिया, झुनिया, पं० ओमकार, मिस्टर खन्ना, मिर्जा, मिस मालती, प्रमुख हैं।
C. रंगभूमि 1925 यह उर्दू उपन्यास ‘चौगाने हस्ती’ का रूपान्तरण किया गया, इसे प्रेमचन्द का पहला चरित्र प्रधान उपन्यास माना गया इसके प्रमुख पात्र हैं- सूरदास, जानसेवक, महेन्द्र कुमार, सोफिया और डॉ. विनय। निर्मला-1927 ई. इसमें दहेज प्रथा एवं अनमेल विवाह की समस्या वर्णित है। इसमें प्रमुख पात्र-निर्मला, तोताराम। कर्मभूमि-1933 इसके पाँचवे भाग में हिन्दु मुस्लिम एकता अछूतोद्धार किसानों का उत्थान, हरिजन समस्या इत्यादि का वर्णन है। पात्र-शान्तिकुमार, सुभद्रा, अमरकान्त गोदान-1936, यह रचना ‘अवधप्रान्त के दो गाँवों (सेमरी व बेलारी) के बीच की है, यह ‘यथार्थवादी रचना है, गोदान भारतीय किसानों का मर्मस्पर्शी, करूणा और त्रासदी का दस्तावेज है, पात्र-होरी, गोबर, धनिया, झुनिया, पं० ओमकार, मिस्टर खन्ना, मिर्जा, मिस मालती, प्रमुख हैं।

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रंगभूमि 1925 यह उर्दू उपन्यास ‘चौगाने हस्ती’ का रूपान्तरण किया गया, इसे प्रेमचन्द का पहला चरित्र प्रधान उपन्यास माना गया इसके प्रमुख पात्र हैं- सूरदास, जानसेवक, महेन्द्र कुमार, सोफिया और डॉ. विनय। निर्मला-1927 ई. इसमें दहेज प्रथा एवं अनमेल विवाह की समस्या वर्णित है। इसमें प्रमुख पात्र-निर्मला, तोताराम। कर्मभूमि-1933 इसके पाँचवे भाग में हिन्दु मुस्लिम एकता अछूतोद्धार किसानों का उत्थान, हरिजन समस्या इत्यादि का वर्णन है। पात्र-शान्तिकुमार, सुभद्रा, अमरकान्त गोदान-1936, यह रचना ‘अवधप्रान्त के दो गाँवों (सेमरी व बेलारी) के बीच की है, यह ‘यथार्थवादी रचना है, गोदान भारतीय किसानों का मर्मस्पर्शी, करूणा और त्रासदी का दस्तावेज है, पात्र-होरी, गोबर, धनिया, झुनिया, पं० ओमकार, मिस्टर खन्ना, मिर्जा, मिस मालती, प्रमुख हैं।