Correct Answer:
Option A - कुतुबमीनार का निर्माण कार्य कुतुबुद्दीन ऐबक ने प्रारम्भ किया तथा 1230-31 ई. में इल्तुतमिश ने पूरा करवाया। इसकी ऊँचाई 240 फीट है। प्रारम्भ में यह चार मंजिला था, किन्तु फिरोज शाह तुगलक के समय में चौथी मंजिल पर बिजली गिरने के कारण काफी छतिग्रस्त हो गया। फलस्वरूप फिरोज शाह तुगलक ने उसे तुड़वाकर उसके स्थान पर दो मंजिलों का निर्माण करवाया। सिकन्दर लोदी के काल में भी उसकी मरम्मत करवायी गई थी। इस प्रकार वर्तमान में कुतुबमीनार पाँच मंजीली है।
A. कुतुबमीनार का निर्माण कार्य कुतुबुद्दीन ऐबक ने प्रारम्भ किया तथा 1230-31 ई. में इल्तुतमिश ने पूरा करवाया। इसकी ऊँचाई 240 फीट है। प्रारम्भ में यह चार मंजिला था, किन्तु फिरोज शाह तुगलक के समय में चौथी मंजिल पर बिजली गिरने के कारण काफी छतिग्रस्त हो गया। फलस्वरूप फिरोज शाह तुगलक ने उसे तुड़वाकर उसके स्थान पर दो मंजिलों का निर्माण करवाया। सिकन्दर लोदी के काल में भी उसकी मरम्मत करवायी गई थी। इस प्रकार वर्तमान में कुतुबमीनार पाँच मंजीली है।