search
Q: विद्वान + लिखति इत्यस्मिन् सन्धि: वर्तते :
  • A. विद्वाल् लिखति
  • B. विद्वाल्लिखिति
  • C. विद्वान्लिखति
  • D. विद्वात्लिखति
Correct Answer: Option A - ‘विद्वान् + लिखति’ में सन्धि कार्य करने पर विद्वाल् लिखति रूप बनेगा। यहाँ पर ‘तोर्लि’ सूत्र से सन्धि कार्य हुआ है। तोर्लि · त वर्ग को ल् हो जाये ल् परे होने पर। विद्वान् + लिखति में त वर्ग न् को तोर्लि से ल् हुआ चूँकि न् अनुनाशिक भी है अत: ल के ऊपर अनुनाशिक का चिन्ह होकर विद्वालँ लिखति बना।
A. ‘विद्वान् + लिखति’ में सन्धि कार्य करने पर विद्वाल् लिखति रूप बनेगा। यहाँ पर ‘तोर्लि’ सूत्र से सन्धि कार्य हुआ है। तोर्लि · त वर्ग को ल् हो जाये ल् परे होने पर। विद्वान् + लिखति में त वर्ग न् को तोर्लि से ल् हुआ चूँकि न् अनुनाशिक भी है अत: ल के ऊपर अनुनाशिक का चिन्ह होकर विद्वालँ लिखति बना।

Explanations:

‘विद्वान् + लिखति’ में सन्धि कार्य करने पर विद्वाल् लिखति रूप बनेगा। यहाँ पर ‘तोर्लि’ सूत्र से सन्धि कार्य हुआ है। तोर्लि · त वर्ग को ल् हो जाये ल् परे होने पर। विद्वान् + लिखति में त वर्ग न् को तोर्लि से ल् हुआ चूँकि न् अनुनाशिक भी है अत: ल के ऊपर अनुनाशिक का चिन्ह होकर विद्वालँ लिखति बना।