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Q: The process used to improve fatigue resistance of a metal by setting up compressive stresses in its surface is known as/वह प्रक्रिया जिसमें धातु के सतह पर सम्पीडन प्रतिबल सेट करके इसके फटीग प्रतिरोध को सुधारा जाता है, कहलाता है–
  • A. hot piercing/गर्म पियरिंग
  • B. extrusion/बहिर्वेधन
  • C. cold peening/ठण्डा पिनिंग
  • D. cold heading/ ठण्डा हेडिंग
Correct Answer: Option C - कोल्ड या शॉट पिनिंग – इस विधि में धातु सतहों पर गोलियों की बौछार उच्च गति पर की जाती है और इसका नियंत्रण करते हुए, धात्विक वस्तुओं की खुली सतही परतों पर संपीडन प्रतिबलों को उत्पन्न किया जाता है। इस क्रिया के फलस्वरूप, पिनिंग की जाने वाली सतह न केवल साफ हो जाती है, वरन् थकान तथा सामर्थ्य (Fatigue & Strength) भी बढ़ जाती है।
C. कोल्ड या शॉट पिनिंग – इस विधि में धातु सतहों पर गोलियों की बौछार उच्च गति पर की जाती है और इसका नियंत्रण करते हुए, धात्विक वस्तुओं की खुली सतही परतों पर संपीडन प्रतिबलों को उत्पन्न किया जाता है। इस क्रिया के फलस्वरूप, पिनिंग की जाने वाली सतह न केवल साफ हो जाती है, वरन् थकान तथा सामर्थ्य (Fatigue & Strength) भी बढ़ जाती है।

Explanations:

कोल्ड या शॉट पिनिंग – इस विधि में धातु सतहों पर गोलियों की बौछार उच्च गति पर की जाती है और इसका नियंत्रण करते हुए, धात्विक वस्तुओं की खुली सतही परतों पर संपीडन प्रतिबलों को उत्पन्न किया जाता है। इस क्रिया के फलस्वरूप, पिनिंग की जाने वाली सतह न केवल साफ हो जाती है, वरन् थकान तथा सामर्थ्य (Fatigue & Strength) भी बढ़ जाती है।