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Q: The principle of cleaning by soap is साबुन द्वारा निर्मलन का सिद्धान्त है?
  • A. surface tension/पृष्ठ तनाव
  • B. flotation/प्लवन
  • C. viscosity/श्यानता
  • D. elasticity/प्रत्यास्थता
Correct Answer: Option A - साबुन द्वारा निर्मलन का सिद्धांत पृष्ठ तनाव पर आधारित है। जब जल में साबुन अथवा सोडा मिलाते हैं तो जल का पृष्ठ तनाव काफी कम हो जाता है। अत: साबुन के घोल की एक बूंद शुद्ध जल की तुलना में कपड़े की अधिक बड़ी सतह को भिगोती है। इस प्रकार साबुन का घोल उन छोटे-छोटे छिद्रों में भी पहँच जाता है जहाँ शुद्ध जल नहीं जा सकता तथा अपने साथ मैल को चिपकाकर बाहर निकाल लाता है। अत: साबुन का घोल शुद्ध जल की अपेक्षा कपड़े की अधिक सफाई करता है। यदि घोल को गर्म कर दें तो इसका पृष्ठ तनाव और भी कम हो जाता है तथा यह और अधिक सफाई करता है।
A. साबुन द्वारा निर्मलन का सिद्धांत पृष्ठ तनाव पर आधारित है। जब जल में साबुन अथवा सोडा मिलाते हैं तो जल का पृष्ठ तनाव काफी कम हो जाता है। अत: साबुन के घोल की एक बूंद शुद्ध जल की तुलना में कपड़े की अधिक बड़ी सतह को भिगोती है। इस प्रकार साबुन का घोल उन छोटे-छोटे छिद्रों में भी पहँच जाता है जहाँ शुद्ध जल नहीं जा सकता तथा अपने साथ मैल को चिपकाकर बाहर निकाल लाता है। अत: साबुन का घोल शुद्ध जल की अपेक्षा कपड़े की अधिक सफाई करता है। यदि घोल को गर्म कर दें तो इसका पृष्ठ तनाव और भी कम हो जाता है तथा यह और अधिक सफाई करता है।

Explanations:

साबुन द्वारा निर्मलन का सिद्धांत पृष्ठ तनाव पर आधारित है। जब जल में साबुन अथवा सोडा मिलाते हैं तो जल का पृष्ठ तनाव काफी कम हो जाता है। अत: साबुन के घोल की एक बूंद शुद्ध जल की तुलना में कपड़े की अधिक बड़ी सतह को भिगोती है। इस प्रकार साबुन का घोल उन छोटे-छोटे छिद्रों में भी पहँच जाता है जहाँ शुद्ध जल नहीं जा सकता तथा अपने साथ मैल को चिपकाकर बाहर निकाल लाता है। अत: साबुन का घोल शुद्ध जल की अपेक्षा कपड़े की अधिक सफाई करता है। यदि घोल को गर्म कर दें तो इसका पृष्ठ तनाव और भी कम हो जाता है तथा यह और अधिक सफाई करता है।