search
Q: The President of India can issue proclamation of Emergency भारत का राष्ट्रपति आपातकाल की उद्घोषणा
  • A. on the advice of the Prime Minister प्रधानमंत्री की सलाह पर कर सकता है
  • B. on the advice of the Council of Ministers मंत्रिपरिषद् की सलाह पर कर सकता है
  • C. in his own discretion/अपने विवेक पर कर सकता है
  • D. when the decision of the Union Cabinet for the issue of such proclamation has been communicated to him in writing/तब कर सकता है, जब ऐसी उद्घोषणा करने के लिए संघ के मंत्रिमण्डल का निर्णय उसे लिखित रूप में संसूचित किया गया हो
Correct Answer: Option D - भारतीय संविधान के भाग-18 में अनुच्छेद 342 से 360 तक आपातकालीन उपबंध उल्लिखित है। संविधान के 44वें संविधान संशोधन अधिनियम 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि भारत का राष्ट्रपति आपातकाल की उद्घोषणा तब कर सकता है, जब ऐसी उद्घोषणा करने के लिए संघ के मंत्रिमण्डल का निर्णय उसे लिखित रूप से संसूचित किया गया हो। परन्तु यदि लोकसभा इसके जारी रहने के अनुमोदन का प्रस्ताव निरस्त कर दे, तो राष्ट्रपति को ऐसी उद्घोषणा को समाप्त कर देना आवश्यक होगा। इसी संशोधन द्वारा किये गये अन्य प्रमुख प्रावधान निम्न है- (i) मूल अधिकार अनु.-20 और 21 को आपातकाल के समय निलंबित नहीं किया जा सकता। (ii) राष्ट्रीय आपात के संदर्भ में आंतरिक अशांति शब्द के स्थान पर ‘सशस्त्र विद्रोह’ शब्द रखा गया।
D. भारतीय संविधान के भाग-18 में अनुच्छेद 342 से 360 तक आपातकालीन उपबंध उल्लिखित है। संविधान के 44वें संविधान संशोधन अधिनियम 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि भारत का राष्ट्रपति आपातकाल की उद्घोषणा तब कर सकता है, जब ऐसी उद्घोषणा करने के लिए संघ के मंत्रिमण्डल का निर्णय उसे लिखित रूप से संसूचित किया गया हो। परन्तु यदि लोकसभा इसके जारी रहने के अनुमोदन का प्रस्ताव निरस्त कर दे, तो राष्ट्रपति को ऐसी उद्घोषणा को समाप्त कर देना आवश्यक होगा। इसी संशोधन द्वारा किये गये अन्य प्रमुख प्रावधान निम्न है- (i) मूल अधिकार अनु.-20 और 21 को आपातकाल के समय निलंबित नहीं किया जा सकता। (ii) राष्ट्रीय आपात के संदर्भ में आंतरिक अशांति शब्द के स्थान पर ‘सशस्त्र विद्रोह’ शब्द रखा गया।

Explanations:

भारतीय संविधान के भाग-18 में अनुच्छेद 342 से 360 तक आपातकालीन उपबंध उल्लिखित है। संविधान के 44वें संविधान संशोधन अधिनियम 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि भारत का राष्ट्रपति आपातकाल की उद्घोषणा तब कर सकता है, जब ऐसी उद्घोषणा करने के लिए संघ के मंत्रिमण्डल का निर्णय उसे लिखित रूप से संसूचित किया गया हो। परन्तु यदि लोकसभा इसके जारी रहने के अनुमोदन का प्रस्ताव निरस्त कर दे, तो राष्ट्रपति को ऐसी उद्घोषणा को समाप्त कर देना आवश्यक होगा। इसी संशोधन द्वारा किये गये अन्य प्रमुख प्रावधान निम्न है- (i) मूल अधिकार अनु.-20 और 21 को आपातकाल के समय निलंबित नहीं किया जा सकता। (ii) राष्ट्रीय आपात के संदर्भ में आंतरिक अशांति शब्द के स्थान पर ‘सशस्त्र विद्रोह’ शब्द रखा गया।