search
Q: The pig sacrifice of the Gonds is popularly called_________./गोंड द्वारा सुअर की बलि को प्रचलित रूप से _______ कहा जाता है।
  • A. Laru Kaj/लरू कज
  • B. Jhabua/झाबुआ
  • C. Hallali/हलाली
  • D. Margi/मरगी
Correct Answer: Option A - गोंड द्वारा सुअर की बलि को प्रचलित रूप से लरू कज कहा जाता है। गोंड शब्द की उत्पत्ति तेलगू भाषा के कोंड शब्द से हुई है, जिसका अर्थ पहाड़ होता है। यह जनजाति पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करती है। यह भारत की सबसे बड़ी जनजाति है जबकि मध्य प्रदेश की दूसरी बड़ी जनजाति है। गोंड जनजाति का संबंध प्राक् द्रविड़ प्रजाति से है, जिसकी मुख्य भाषा गोंडी तथा डोरली है। गोंड जनजाति की सर्वाधिक जनसंख्या छिंदवाड़ा जिले में है। इनके प्रमुख नृत्य करमा, सैला, भड़ौनी, बिरहा, कहरवा, सजनी, सुआ, एबालतोई तथा दीवानी आदि हैं। गोंड जनजाति के मुख्य देवता दूल्हादेव हैं।
A. गोंड द्वारा सुअर की बलि को प्रचलित रूप से लरू कज कहा जाता है। गोंड शब्द की उत्पत्ति तेलगू भाषा के कोंड शब्द से हुई है, जिसका अर्थ पहाड़ होता है। यह जनजाति पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करती है। यह भारत की सबसे बड़ी जनजाति है जबकि मध्य प्रदेश की दूसरी बड़ी जनजाति है। गोंड जनजाति का संबंध प्राक् द्रविड़ प्रजाति से है, जिसकी मुख्य भाषा गोंडी तथा डोरली है। गोंड जनजाति की सर्वाधिक जनसंख्या छिंदवाड़ा जिले में है। इनके प्रमुख नृत्य करमा, सैला, भड़ौनी, बिरहा, कहरवा, सजनी, सुआ, एबालतोई तथा दीवानी आदि हैं। गोंड जनजाति के मुख्य देवता दूल्हादेव हैं।

Explanations:

गोंड द्वारा सुअर की बलि को प्रचलित रूप से लरू कज कहा जाता है। गोंड शब्द की उत्पत्ति तेलगू भाषा के कोंड शब्द से हुई है, जिसका अर्थ पहाड़ होता है। यह जनजाति पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करती है। यह भारत की सबसे बड़ी जनजाति है जबकि मध्य प्रदेश की दूसरी बड़ी जनजाति है। गोंड जनजाति का संबंध प्राक् द्रविड़ प्रजाति से है, जिसकी मुख्य भाषा गोंडी तथा डोरली है। गोंड जनजाति की सर्वाधिक जनसंख्या छिंदवाड़ा जिले में है। इनके प्रमुख नृत्य करमा, सैला, भड़ौनी, बिरहा, कहरवा, सजनी, सुआ, एबालतोई तथा दीवानी आदि हैं। गोंड जनजाति के मुख्य देवता दूल्हादेव हैं।