Correct Answer:
Option C - वायु ग्राही एजेंट कंक्रीट पिण्ड में समान रूप से वितरित व स्वतंत्र रूप से विद्यमान वायु के नन्हें बुलबले कंक्रीट की सुकार्यता को सुधारते हैं और इसका हिमीकरण व द्रवीकरण (Thawing) के प्रति प्रतिरोधकता बढ़ाते हैं। वायुग्राही एजेंट जहाँ कंक्रीट की सुकार्यता व टिकाऊपन को बढ़ाते हैं, वहीं कंक्रीट की पृथक्करण व नि:स्रवण भी कम करते हैं किन्तु कंक्रीट की सामर्थ्य को घटाते हैं। कंक्रीट में जिंक अथवा एल्युमीनियम पाउडर का उपयोग वायुग्राही एजेंट के रूप में किया जाता है। इनकी मात्रा सीमेंट के भार का 0.005 से 1% तक ली जाती है।
C. वायु ग्राही एजेंट कंक्रीट पिण्ड में समान रूप से वितरित व स्वतंत्र रूप से विद्यमान वायु के नन्हें बुलबले कंक्रीट की सुकार्यता को सुधारते हैं और इसका हिमीकरण व द्रवीकरण (Thawing) के प्रति प्रतिरोधकता बढ़ाते हैं। वायुग्राही एजेंट जहाँ कंक्रीट की सुकार्यता व टिकाऊपन को बढ़ाते हैं, वहीं कंक्रीट की पृथक्करण व नि:स्रवण भी कम करते हैं किन्तु कंक्रीट की सामर्थ्य को घटाते हैं। कंक्रीट में जिंक अथवा एल्युमीनियम पाउडर का उपयोग वायुग्राही एजेंट के रूप में किया जाता है। इनकी मात्रा सीमेंट के भार का 0.005 से 1% तक ली जाती है।