Correct Answer:
Option D - आदर्श स्थायी मार्ग की विशेषताएँ-
(i) गेज सही एवं एक समान होना चाहिए।
(ii) संरेखण सही होना चाहिए।
(iii) यह प्रकृति में अद्र्ध-प्रत्यास्थ होना चाहिए। यदि पूरी तरह से कठोर है तो पटरियों पर दरारें आ जाएगी।
(iv) सीधे ट्रैक में दो पटरियाँ समान स्तर पर होनी चाहिए।
(v) ढाल एक समान होनी चाहिए। ढाल के किसी भी परिवर्तन के बाद एक सरल वक्र होना चाहिए।
(vi) ट्रैक का घर्षण प्रतिरोध यथासंभव न्यूनतम रखा जाना चाहिए
(vii) यह अत्यधिक रेल जोड़ों से मुक्त होना चाहिए।
D. आदर्श स्थायी मार्ग की विशेषताएँ-
(i) गेज सही एवं एक समान होना चाहिए।
(ii) संरेखण सही होना चाहिए।
(iii) यह प्रकृति में अद्र्ध-प्रत्यास्थ होना चाहिए। यदि पूरी तरह से कठोर है तो पटरियों पर दरारें आ जाएगी।
(iv) सीधे ट्रैक में दो पटरियाँ समान स्तर पर होनी चाहिए।
(v) ढाल एक समान होनी चाहिए। ढाल के किसी भी परिवर्तन के बाद एक सरल वक्र होना चाहिए।
(vi) ट्रैक का घर्षण प्रतिरोध यथासंभव न्यूनतम रखा जाना चाहिए
(vii) यह अत्यधिक रेल जोड़ों से मुक्त होना चाहिए।