search
Q: The objective of lime-soda softening process is : लाइम-सोडा मृदुकरण प्रक्रिया का उद्देश्य है।
  • A. to carbonise water/पानी का कार्बनिकरण
  • B. to remove hardness by forming an insoluble precipitate अविलेय अवक्षेप बनाकर कठोरता को दूर करना
  • C. to enhance biochemical reactions जैव रासायनिक अभिक्रियाओं को बढ़ाना
  • D. to add taste to water/पानी में स्वाद जोड़ने के लिए
Correct Answer: Option B - जल मृदुकरण (Water softening)- पानी में घुले हुये खनिज पदार्थों को, जो जल की कठोरता का कारण बनते है, अलग करना जल-मृदुकरण कहलाता है। मृदु पानी का कोई स्वाद नहीं होता है, जबकि अधिक कठोरता वाला पानी खारा लगता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से जल-कठोरता कोई बड़ा कुप्रभाव नहीं डालती है। जल से कठोरता हटाने के लिये निम्न विधियां अपनाई जा सकती है- (i) पानी को उबालकर (ii) चूना प्रक्रिया (iii) चूना तथा सोडा - एश प्रक्रिया (iv) जियोलाइट या आधार-विनिमय प्रक्रिया प्रक्रिया (i) व (ii) अस्थायी कठोरता हटाने के लिए तथा (iii) व (iv) स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए अपनाई जाती है।
B. जल मृदुकरण (Water softening)- पानी में घुले हुये खनिज पदार्थों को, जो जल की कठोरता का कारण बनते है, अलग करना जल-मृदुकरण कहलाता है। मृदु पानी का कोई स्वाद नहीं होता है, जबकि अधिक कठोरता वाला पानी खारा लगता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से जल-कठोरता कोई बड़ा कुप्रभाव नहीं डालती है। जल से कठोरता हटाने के लिये निम्न विधियां अपनाई जा सकती है- (i) पानी को उबालकर (ii) चूना प्रक्रिया (iii) चूना तथा सोडा - एश प्रक्रिया (iv) जियोलाइट या आधार-विनिमय प्रक्रिया प्रक्रिया (i) व (ii) अस्थायी कठोरता हटाने के लिए तथा (iii) व (iv) स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए अपनाई जाती है।

Explanations:

जल मृदुकरण (Water softening)- पानी में घुले हुये खनिज पदार्थों को, जो जल की कठोरता का कारण बनते है, अलग करना जल-मृदुकरण कहलाता है। मृदु पानी का कोई स्वाद नहीं होता है, जबकि अधिक कठोरता वाला पानी खारा लगता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से जल-कठोरता कोई बड़ा कुप्रभाव नहीं डालती है। जल से कठोरता हटाने के लिये निम्न विधियां अपनाई जा सकती है- (i) पानी को उबालकर (ii) चूना प्रक्रिया (iii) चूना तथा सोडा - एश प्रक्रिया (iv) जियोलाइट या आधार-विनिमय प्रक्रिया प्रक्रिया (i) व (ii) अस्थायी कठोरता हटाने के लिए तथा (iii) व (iv) स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए अपनाई जाती है।