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Q: The Muslim ruler whose empire was regarded as a part of Dar-ul -Islam was मुस्लिम शासक, जिसका साम्राज्य दार-उल-इस्लाम का एक भाग माना जाता था, था
  • A. Balban/बलबन
  • B. Razia/रजिया
  • C. Iltutmish/इल्तुतमिश
  • D. Nashir-ud-Din/नासिर-उद्-दीन
Correct Answer: Option C - मुस्लिम शासक इल्तुतमिश का साम्राज्य दार-उल-इस्लाम का एक भाग माना जाता था। इल्तुतमिश ने बगदाद के खलीफा से सुल्तान के पद की स्वीकृति की प्रार्थना की। खलीफा द्वारा इल्तुतमिश को सुल्तान स्वीकार किये जाने के कारण उसका पद कानूनी बन गया और दिल्ली-सल्तनत वैध रूप से एक स्वतंत्र राज्य बन गया। वह अपने धार्मिक विचारों के कारण तत्कालीन धार्मिक नेताओं का समर्थन प्राप्त करके अपने राज्य को नैतिक समर्थन दिलाने में सफल हुआ। डॉ. आर.पी. त्रिपाठी के शब्दों में, ‘‘भारत में मुस्लिम सभ्यता का इतिहास उससे आरम्भ होता है।’’
C. मुस्लिम शासक इल्तुतमिश का साम्राज्य दार-उल-इस्लाम का एक भाग माना जाता था। इल्तुतमिश ने बगदाद के खलीफा से सुल्तान के पद की स्वीकृति की प्रार्थना की। खलीफा द्वारा इल्तुतमिश को सुल्तान स्वीकार किये जाने के कारण उसका पद कानूनी बन गया और दिल्ली-सल्तनत वैध रूप से एक स्वतंत्र राज्य बन गया। वह अपने धार्मिक विचारों के कारण तत्कालीन धार्मिक नेताओं का समर्थन प्राप्त करके अपने राज्य को नैतिक समर्थन दिलाने में सफल हुआ। डॉ. आर.पी. त्रिपाठी के शब्दों में, ‘‘भारत में मुस्लिम सभ्यता का इतिहास उससे आरम्भ होता है।’’

Explanations:

मुस्लिम शासक इल्तुतमिश का साम्राज्य दार-उल-इस्लाम का एक भाग माना जाता था। इल्तुतमिश ने बगदाद के खलीफा से सुल्तान के पद की स्वीकृति की प्रार्थना की। खलीफा द्वारा इल्तुतमिश को सुल्तान स्वीकार किये जाने के कारण उसका पद कानूनी बन गया और दिल्ली-सल्तनत वैध रूप से एक स्वतंत्र राज्य बन गया। वह अपने धार्मिक विचारों के कारण तत्कालीन धार्मिक नेताओं का समर्थन प्राप्त करके अपने राज्य को नैतिक समर्थन दिलाने में सफल हुआ। डॉ. आर.पी. त्रिपाठी के शब्दों में, ‘‘भारत में मुस्लिम सभ्यता का इतिहास उससे आरम्भ होता है।’’