Correct Answer:
Option A - मालवा क्षेत्र के नाथ समुदाय में संगीत का सबसे लोक प्रिय रूप भर्तृहरि लोकगाथा का सस्वर पाठ है। भर्तृहरि एक महान संस्कृत कवि थे इनके शतकत्रय (नीतिशतक, शृंगारशतक, वैराग्य शतक) की उपदेशात्मक कहानियाँ भारतीय जनमानस को विशेष रूप से प्रभावित करती हैं। बाद में इन्होंने गुरू गोरखनाथ का शिष्य बनकर वैराग्य धारण कर लिया था।
A. मालवा क्षेत्र के नाथ समुदाय में संगीत का सबसे लोक प्रिय रूप भर्तृहरि लोकगाथा का सस्वर पाठ है। भर्तृहरि एक महान संस्कृत कवि थे इनके शतकत्रय (नीतिशतक, शृंगारशतक, वैराग्य शतक) की उपदेशात्मक कहानियाँ भारतीय जनमानस को विशेष रूप से प्रभावित करती हैं। बाद में इन्होंने गुरू गोरखनाथ का शिष्य बनकर वैराग्य धारण कर लिया था।