Correct Answer:
Option B - मध्य पुरापाषाण काल में क्वार्टजाइट पत्थरों के स्थान पर जैस्पर, चर्ट, फ्लिंट आदि के पत्थर प्रयुक्त होने लगे। इस समय उद्योग मुख्यत: शल्क से बनी वस्तुओं का था। इस समय के मुख्य औजार फलक, बेधनी, छेदनी और खुरचनी थे। फलकों की अधिकता के कारण इस काल को फलक संस्कृति की संज्ञा दी गयी। फलक एक प्रकार का औजार होता था, जिसे पत्थर को तोड़कर बनाया जाता था।
B. मध्य पुरापाषाण काल में क्वार्टजाइट पत्थरों के स्थान पर जैस्पर, चर्ट, फ्लिंट आदि के पत्थर प्रयुक्त होने लगे। इस समय उद्योग मुख्यत: शल्क से बनी वस्तुओं का था। इस समय के मुख्य औजार फलक, बेधनी, छेदनी और खुरचनी थे। फलकों की अधिकता के कारण इस काल को फलक संस्कृति की संज्ञा दी गयी। फलक एक प्रकार का औजार होता था, जिसे पत्थर को तोड़कर बनाया जाता था।