Correct Answer:
Option B - हाइड्रोजन बम अनियंत्रित संलयन अभिक्रिया के सिद्धान्त पर आधारित है। संलयन अभिक्रिया में उच्च तापमान पर दो या दो से अधिक हल्के नाभिक मिलकर एक भारी नाभिक बनाते हैं और अपार ऊर्जा विमुक्त होती है। संलयन अभिक्रियाएँ उच्च तापमान पर सम्पन्न होती हैं। सूर्य की ऊर्जा का मूल स्रोत संलयन अभिक्रियाएँ ही हैं।
B. हाइड्रोजन बम अनियंत्रित संलयन अभिक्रिया के सिद्धान्त पर आधारित है। संलयन अभिक्रिया में उच्च तापमान पर दो या दो से अधिक हल्के नाभिक मिलकर एक भारी नाभिक बनाते हैं और अपार ऊर्जा विमुक्त होती है। संलयन अभिक्रियाएँ उच्च तापमान पर सम्पन्न होती हैं। सूर्य की ऊर्जा का मूल स्रोत संलयन अभिक्रियाएँ ही हैं।