search
Q: The method of preparing Supplementary estimate is same as_____ अनुपूरक प्राक्कलन तैयार करने की विधि....... के समान है
  • A. Detailed estimate/विस्तृत प्राक्कलन
  • B. Preliminary estimate /प्रारम्भिक प्राक्कलन
  • C. Revised estimate /संशोधित प्राक्कलन
  • D. Quantity estimate /मात्रा प्राक्कलन
Correct Answer: Option A - अनुपूरक प्राक्कलन तैयार करने की विधि विस्तृत प्राक्कलन के समान है। विस्तृत प्राक्कलन (Detailed estimate):– यह प्राक्कलन निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलने पर, निर्माण कार्य वास्तविक रूप में शुरू करने के लिये बनाया जाता है। यह प्रस्तावित निर्माण की यथा सम्भव काफी शुद्धता तक अनुमानित लागत दर्शाता है। प्रारंभिक प्राक्कलन (Preliminary Estimate) :–यह प्रस्तावित निर्माण की मोटे तौर पर अनुमानित लागत का अनुमान कराता है और प्रशासनिक व अन्य औपचारिक स्वीकृतियाँ प्राप्त करने के लिये बनाया जाता है। राजकीय बजट में आवश्यक धनराशि का प्रावधान रखने के लिए प्रारम्भिक प्राक्कलन की आवश्यकता पड़ती है। घन दर प्राक्कलन (Cube Rate Estimate)–यह प्राक्कलन भवनों के ढके हुए भाग के आयतन (ल.×चौ.×ऊँ.) के आधार पर बनाया जाता है। भवन के घनफल को घनीय दर से गुना करके, भवन की प्राक्कलित लागत ज्ञात कर ली जाती है। कुर्सी-क्षेत्रफल दर प्राक्कलन (Plinth Area Rate Estimate)–इसमें कुर्सी तल पर उपलब्ध लम्बाई × चौड़ाई का गुणनफल लिया जाता है और इसे उपयुक्त कुर्सी क्षेत्रफल दर से गुणा करके प्राक्कलन बनाया जाता है।
A. अनुपूरक प्राक्कलन तैयार करने की विधि विस्तृत प्राक्कलन के समान है। विस्तृत प्राक्कलन (Detailed estimate):– यह प्राक्कलन निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलने पर, निर्माण कार्य वास्तविक रूप में शुरू करने के लिये बनाया जाता है। यह प्रस्तावित निर्माण की यथा सम्भव काफी शुद्धता तक अनुमानित लागत दर्शाता है। प्रारंभिक प्राक्कलन (Preliminary Estimate) :–यह प्रस्तावित निर्माण की मोटे तौर पर अनुमानित लागत का अनुमान कराता है और प्रशासनिक व अन्य औपचारिक स्वीकृतियाँ प्राप्त करने के लिये बनाया जाता है। राजकीय बजट में आवश्यक धनराशि का प्रावधान रखने के लिए प्रारम्भिक प्राक्कलन की आवश्यकता पड़ती है। घन दर प्राक्कलन (Cube Rate Estimate)–यह प्राक्कलन भवनों के ढके हुए भाग के आयतन (ल.×चौ.×ऊँ.) के आधार पर बनाया जाता है। भवन के घनफल को घनीय दर से गुना करके, भवन की प्राक्कलित लागत ज्ञात कर ली जाती है। कुर्सी-क्षेत्रफल दर प्राक्कलन (Plinth Area Rate Estimate)–इसमें कुर्सी तल पर उपलब्ध लम्बाई × चौड़ाई का गुणनफल लिया जाता है और इसे उपयुक्त कुर्सी क्षेत्रफल दर से गुणा करके प्राक्कलन बनाया जाता है।

Explanations:

अनुपूरक प्राक्कलन तैयार करने की विधि विस्तृत प्राक्कलन के समान है। विस्तृत प्राक्कलन (Detailed estimate):– यह प्राक्कलन निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलने पर, निर्माण कार्य वास्तविक रूप में शुरू करने के लिये बनाया जाता है। यह प्रस्तावित निर्माण की यथा सम्भव काफी शुद्धता तक अनुमानित लागत दर्शाता है। प्रारंभिक प्राक्कलन (Preliminary Estimate) :–यह प्रस्तावित निर्माण की मोटे तौर पर अनुमानित लागत का अनुमान कराता है और प्रशासनिक व अन्य औपचारिक स्वीकृतियाँ प्राप्त करने के लिये बनाया जाता है। राजकीय बजट में आवश्यक धनराशि का प्रावधान रखने के लिए प्रारम्भिक प्राक्कलन की आवश्यकता पड़ती है। घन दर प्राक्कलन (Cube Rate Estimate)–यह प्राक्कलन भवनों के ढके हुए भाग के आयतन (ल.×चौ.×ऊँ.) के आधार पर बनाया जाता है। भवन के घनफल को घनीय दर से गुना करके, भवन की प्राक्कलित लागत ज्ञात कर ली जाती है। कुर्सी-क्षेत्रफल दर प्राक्कलन (Plinth Area Rate Estimate)–इसमें कुर्सी तल पर उपलब्ध लम्बाई × चौड़ाई का गुणनफल लिया जाता है और इसे उपयुक्त कुर्सी क्षेत्रफल दर से गुणा करके प्राक्कलन बनाया जाता है।