Correct Answer:
Option C - अभिलाग प्रतिबल, प्रबलन छड़ में इसके परिधि के समान्तर लगने वाले कर्तन बल के कारण उपजते है इसलिए साधारण आलम्बित धरन में टेक पर अनेक प्रबलन छड़े लगायी जाती है ताकि वे जकड़ प्रतिबल का विरोध कर सकें।
अनुदैर्ध्य इस्पात तथा कंक्रीट की सतह के बीच बन्धन होता है। जिसके कारण ही कंक्रीट तथा इस्पात का एक रूप होकर कार्य करना सम्भव हो पाता है। इस्पात तथा कंक्रीट की सतहो पर जो प्रतिबल उपजते है उन्हें बन्ध प्रतिबल कहते हैं ये मूलत: कर्तन प्रकृति के होते हैं।
C. अभिलाग प्रतिबल, प्रबलन छड़ में इसके परिधि के समान्तर लगने वाले कर्तन बल के कारण उपजते है इसलिए साधारण आलम्बित धरन में टेक पर अनेक प्रबलन छड़े लगायी जाती है ताकि वे जकड़ प्रतिबल का विरोध कर सकें।
अनुदैर्ध्य इस्पात तथा कंक्रीट की सतह के बीच बन्धन होता है। जिसके कारण ही कंक्रीट तथा इस्पात का एक रूप होकर कार्य करना सम्भव हो पाता है। इस्पात तथा कंक्रीट की सतहो पर जो प्रतिबल उपजते है उन्हें बन्ध प्रतिबल कहते हैं ये मूलत: कर्तन प्रकृति के होते हैं।