Correct Answer:
Option D - लैमार्क वाद - ‘‘उपार्जित लक्षण के वंशागति का सिद्धान्त’’
डार्विन वाद - ‘प्राकृतिक चयन’ योगतम की उत्तर-जीवित हयूगोडीब्रीज- उत्परिवर्तन का सिद्धान्त
नवीनतम कृत्रिम सिद्धान्त - ड़ोबजोस्की गिफिशर, हैलेन, E. मायर ने की,
जो विकास की व्याख्या करने में सक्षम है।
D. लैमार्क वाद - ‘‘उपार्जित लक्षण के वंशागति का सिद्धान्त’’
डार्विन वाद - ‘प्राकृतिक चयन’ योगतम की उत्तर-जीवित हयूगोडीब्रीज- उत्परिवर्तन का सिद्धान्त
नवीनतम कृत्रिम सिद्धान्त - ड़ोबजोस्की गिफिशर, हैलेन, E. मायर ने की,
जो विकास की व्याख्या करने में सक्षम है।