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Q: The Lahore Session of Indian National Congress was held in- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन हुआ था─
  • A. सन् 1927 में
  • B. सन् 1929 में
  • C. सन् 1931 में
  • D. सन् 1935 में
Correct Answer: Option B - दिसम्बर, 1929 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन लाहौर में पं. जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ था। पं. जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस के इस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य घोषित किया। 31 दिसम्बर, 1929 को पं. जवाहरलाल नेहरू ने लाहौर में रावी नदी के तट पर ‘पूर्ण स्वतंत्रता’ का झण्डा फहराया। कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 2 जनवरी, 1930 की अपनी बैठक में निर्णय लिया कि 26 जनवरी, 1930 का दिन ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ के रूप में मनाया जायेगा। इस अधिवेशन में अपने अध्यक्षीय भाषण में बोलते हुए उन्होंने कहा था कि आज हमारा सिर्फ एक लक्ष्य है, स्वाधीनता का लक्ष्य। हमारे लिए स्वाधीनता का आशय ‘पूर्ण स्वतंत्रता’ है।
B. दिसम्बर, 1929 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन लाहौर में पं. जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ था। पं. जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस के इस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य घोषित किया। 31 दिसम्बर, 1929 को पं. जवाहरलाल नेहरू ने लाहौर में रावी नदी के तट पर ‘पूर्ण स्वतंत्रता’ का झण्डा फहराया। कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 2 जनवरी, 1930 की अपनी बैठक में निर्णय लिया कि 26 जनवरी, 1930 का दिन ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ के रूप में मनाया जायेगा। इस अधिवेशन में अपने अध्यक्षीय भाषण में बोलते हुए उन्होंने कहा था कि आज हमारा सिर्फ एक लक्ष्य है, स्वाधीनता का लक्ष्य। हमारे लिए स्वाधीनता का आशय ‘पूर्ण स्वतंत्रता’ है।

Explanations:

दिसम्बर, 1929 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन लाहौर में पं. जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ था। पं. जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस के इस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य घोषित किया। 31 दिसम्बर, 1929 को पं. जवाहरलाल नेहरू ने लाहौर में रावी नदी के तट पर ‘पूर्ण स्वतंत्रता’ का झण्डा फहराया। कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 2 जनवरी, 1930 की अपनी बैठक में निर्णय लिया कि 26 जनवरी, 1930 का दिन ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ के रूप में मनाया जायेगा। इस अधिवेशन में अपने अध्यक्षीय भाषण में बोलते हुए उन्होंने कहा था कि आज हमारा सिर्फ एक लक्ष्य है, स्वाधीनता का लक्ष्य। हमारे लिए स्वाधीनता का आशय ‘पूर्ण स्वतंत्रता’ है।