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Q: The Kailasha temple is located in the cave of : कैलास मंदिर किस गुफा में स्थित है?
  • A. Karle/कार्ले में
  • B. Elephant /एलिफेन्टा में
  • C. Ellora/एलोरा में
  • D. Ajanta/अजंता में
Correct Answer: Option C - राष्ट्रकूट नरेश कला के महान संरक्षक थे। राष्ट्रकूटों की राजधानी मान्यखेट से अभी तक कला के कोई उल्लेखनीय पुरातात्विक अवशेष नहीं प्राप्त हुए हैं। किन्तु एलोरा, एलीफेन्टा, जोगेश्वरी तथा मंडलेश्वर में राष्ट्रकूट कला के महत्वपूर्ण स्मारक स्थित है। इनमें से एलोरा तथा एलिफेन्टा अपनी गुफा स्थापत्य, मूर्तिकला या मूर्तिशिल्प तथा चित्रकला के लिए विख्यात है। शासकीय संरक्षण में एलोरा में शैव धर्म से सम्बन्धित गुफा मंदिरों का निर्माण हुआ था जिनकी संख्या 17 (सत्रह) है। यहाँ के प्रमुख गुफा मंदिरों अथवा मण्डपों में रावण की खाई, दशावतार मंदिर, कैलाश मंदिर, सीता की नहानी अथवा घूमरलेण, देववाड़ा, लम्बेश्वर, रामेश्वर, नीलकंठ आदि विशेष रूप से उल्लेखनीय है। कैलाश मंदिर का निर्माण कृष्ण प्रथम ने करवाया था।
C. राष्ट्रकूट नरेश कला के महान संरक्षक थे। राष्ट्रकूटों की राजधानी मान्यखेट से अभी तक कला के कोई उल्लेखनीय पुरातात्विक अवशेष नहीं प्राप्त हुए हैं। किन्तु एलोरा, एलीफेन्टा, जोगेश्वरी तथा मंडलेश्वर में राष्ट्रकूट कला के महत्वपूर्ण स्मारक स्थित है। इनमें से एलोरा तथा एलिफेन्टा अपनी गुफा स्थापत्य, मूर्तिकला या मूर्तिशिल्प तथा चित्रकला के लिए विख्यात है। शासकीय संरक्षण में एलोरा में शैव धर्म से सम्बन्धित गुफा मंदिरों का निर्माण हुआ था जिनकी संख्या 17 (सत्रह) है। यहाँ के प्रमुख गुफा मंदिरों अथवा मण्डपों में रावण की खाई, दशावतार मंदिर, कैलाश मंदिर, सीता की नहानी अथवा घूमरलेण, देववाड़ा, लम्बेश्वर, रामेश्वर, नीलकंठ आदि विशेष रूप से उल्लेखनीय है। कैलाश मंदिर का निर्माण कृष्ण प्रथम ने करवाया था।

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राष्ट्रकूट नरेश कला के महान संरक्षक थे। राष्ट्रकूटों की राजधानी मान्यखेट से अभी तक कला के कोई उल्लेखनीय पुरातात्विक अवशेष नहीं प्राप्त हुए हैं। किन्तु एलोरा, एलीफेन्टा, जोगेश्वरी तथा मंडलेश्वर में राष्ट्रकूट कला के महत्वपूर्ण स्मारक स्थित है। इनमें से एलोरा तथा एलिफेन्टा अपनी गुफा स्थापत्य, मूर्तिकला या मूर्तिशिल्प तथा चित्रकला के लिए विख्यात है। शासकीय संरक्षण में एलोरा में शैव धर्म से सम्बन्धित गुफा मंदिरों का निर्माण हुआ था जिनकी संख्या 17 (सत्रह) है। यहाँ के प्रमुख गुफा मंदिरों अथवा मण्डपों में रावण की खाई, दशावतार मंदिर, कैलाश मंदिर, सीता की नहानी अथवा घूमरलेण, देववाड़ा, लम्बेश्वर, रामेश्वर, नीलकंठ आदि विशेष रूप से उल्लेखनीय है। कैलाश मंदिर का निर्माण कृष्ण प्रथम ने करवाया था।