Correct Answer:
Option B - एक–न्यूरान से दूसरे–न्यूरान तक संदेशवाहक का कार्य करता है इसे ही एक्सॉन कहते हैं। इसका अन्तिम सिरा पतली-पतली शाखाओं में बटा होता है जिनको साइनेप्टिक नोब्स कहते हैं। यह नोब्स दूसरी–न्यूरान के डेन्ट्राइटस की नोबस के साथ एक विशेष सम्बन्ध स्थापित करती है। जिसे सिनेप्सिस कहते हैं।
B. एक–न्यूरान से दूसरे–न्यूरान तक संदेशवाहक का कार्य करता है इसे ही एक्सॉन कहते हैं। इसका अन्तिम सिरा पतली-पतली शाखाओं में बटा होता है जिनको साइनेप्टिक नोब्स कहते हैं। यह नोब्स दूसरी–न्यूरान के डेन्ट्राइटस की नोबस के साथ एक विशेष सम्बन्ध स्थापित करती है। जिसे सिनेप्सिस कहते हैं।