Correct Answer:
Option D - लोहे की गेंद जिसका पृथ्वी पर भार 10 किलोग्राम है उसका अंतरिक्ष में भार शून्य किलोग्राम होगा। क्योंकि अंतरिक्ष में गुरुत्वीय त्वरण (ु) शून्य होने का कारण वहाँ लोहे की गेंद भारहीनता की स्थिति में होगी। अंतरिक्ष में g = 0 तो
w = m × 0 अर्थात् w = 0
D. लोहे की गेंद जिसका पृथ्वी पर भार 10 किलोग्राम है उसका अंतरिक्ष में भार शून्य किलोग्राम होगा। क्योंकि अंतरिक्ष में गुरुत्वीय त्वरण (ु) शून्य होने का कारण वहाँ लोहे की गेंद भारहीनता की स्थिति में होगी। अंतरिक्ष में g = 0 तो
w = m × 0 अर्थात् w = 0