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Q: The giving sitting arrangement is effective for which type of activity in a school ? दी गई बैठक व्यवस्था स्कूल में किस प्रकार की गतिविधि के लिए प्रभावी है? The students sitting in a semicircle facing other group of students sitting in a semicircle and the teacher takes a middle position. अर्धवृत्त में बैठे विद्यार्थी, अर्धवृत्त में बैठे विद्यार्थयों के दूसरे समूह की ओर मुख करके बैठे हैं और शिक्षक बीच का स्थान लेता है।
  • A. Group competition/समूह प्रतियोगिता
  • B. Reisting stories and poems/ कहानियाँ और कविताएँ सुनाना
  • C. Solving problems on the bard/ बार्ड पर समस्याओं का समाधान
  • D. Demonstration of an experiment/ एक प्रयोग का प्रदर्शन
Correct Answer: Option A - विद्यालय की कक्षाओं में छात्रों के लिये बैठने की कई प्रकार की व्यवस्थायें होती है। यह कक्षा के लिये क्रियाकलापों पर निर्भर करता है। यदि कक्षा में छात्रों को एक वृत्त रूप में बैठाया जाता है; तो अर्धवृत्त में बैठे छात्र एक-दूसरे के सामने मुख करके बैठते हैं तथा वृत्त का मध्य बिन्दु शिक्षक के बैठने का स्थान होता है। इस व्यवस्था में जो गतिविधि होती है। उसे समूह प्रतियोगिता कहा जाता है। इसके अन्तर्गत छात्रों की स्वत: पठन-पाठन को बढ़ावा देने हेतु समस्याओं पर ग्रुप-वार्तालाप हेतु अवसर दिया जाता है, जिससे छात्र स्वत: सीखते हैं एवं स्वयं के निस्तारण का कार्य सुगमता से करते हैं।
A. विद्यालय की कक्षाओं में छात्रों के लिये बैठने की कई प्रकार की व्यवस्थायें होती है। यह कक्षा के लिये क्रियाकलापों पर निर्भर करता है। यदि कक्षा में छात्रों को एक वृत्त रूप में बैठाया जाता है; तो अर्धवृत्त में बैठे छात्र एक-दूसरे के सामने मुख करके बैठते हैं तथा वृत्त का मध्य बिन्दु शिक्षक के बैठने का स्थान होता है। इस व्यवस्था में जो गतिविधि होती है। उसे समूह प्रतियोगिता कहा जाता है। इसके अन्तर्गत छात्रों की स्वत: पठन-पाठन को बढ़ावा देने हेतु समस्याओं पर ग्रुप-वार्तालाप हेतु अवसर दिया जाता है, जिससे छात्र स्वत: सीखते हैं एवं स्वयं के निस्तारण का कार्य सुगमता से करते हैं।

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विद्यालय की कक्षाओं में छात्रों के लिये बैठने की कई प्रकार की व्यवस्थायें होती है। यह कक्षा के लिये क्रियाकलापों पर निर्भर करता है। यदि कक्षा में छात्रों को एक वृत्त रूप में बैठाया जाता है; तो अर्धवृत्त में बैठे छात्र एक-दूसरे के सामने मुख करके बैठते हैं तथा वृत्त का मध्य बिन्दु शिक्षक के बैठने का स्थान होता है। इस व्यवस्था में जो गतिविधि होती है। उसे समूह प्रतियोगिता कहा जाता है। इसके अन्तर्गत छात्रों की स्वत: पठन-पाठन को बढ़ावा देने हेतु समस्याओं पर ग्रुप-वार्तालाप हेतु अवसर दिया जाता है, जिससे छात्र स्वत: सीखते हैं एवं स्वयं के निस्तारण का कार्य सुगमता से करते हैं।