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Q: The folk song called 'Dhola Maru' in some part of Madhya Pradesh find itorigin from which of the following state of India? मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ‘ढोला मारू’ नामक लोक गीत की उत्पत्ति निम्नलिखित में से किस राज्य में हुई?
  • A. Uttar Pradesh/उत्तर प्रदेश
  • B. Maharashtra/महाराष्ट्र
  • C. Rajasthan/राजस्थान
  • D. Gujrat/गुजरात
Correct Answer: Option C - ढोला मारू ग्यारहवीं शताब्दी में रचित एक लोक भाषा काव्य है। मूलत: दोहों में रचित इस लोक काव्य को सत्रहवीं शताब्दी में कुशलराय वाचक ने कुछ चौपाइयाँ जोड़कर विस्तार किया। इसमें राजकुमार ढोला और राजकुमारी मारू की प्रेमकथा का वर्णन है। ‘‘ढोला-मारू’’ की कथा राजस्थान की अत्यन्त प्रसिद्ध लोक गाथा है। यह गीत मध्य प्रदेश के मालवा, निमाड़ तथा बुंदेलखण्ड में गाये जाते हैं। ढोला मारू गीत का गायन रात के समय ढोला मारू नाटक के साथ-साथ गाया जाता है। ढोला मारू गीत में प्रेम कथा का गायन किया जाता है। यह उच्च स्वर में गायी जाने वाली लोक गायन शैली है।
C. ढोला मारू ग्यारहवीं शताब्दी में रचित एक लोक भाषा काव्य है। मूलत: दोहों में रचित इस लोक काव्य को सत्रहवीं शताब्दी में कुशलराय वाचक ने कुछ चौपाइयाँ जोड़कर विस्तार किया। इसमें राजकुमार ढोला और राजकुमारी मारू की प्रेमकथा का वर्णन है। ‘‘ढोला-मारू’’ की कथा राजस्थान की अत्यन्त प्रसिद्ध लोक गाथा है। यह गीत मध्य प्रदेश के मालवा, निमाड़ तथा बुंदेलखण्ड में गाये जाते हैं। ढोला मारू गीत का गायन रात के समय ढोला मारू नाटक के साथ-साथ गाया जाता है। ढोला मारू गीत में प्रेम कथा का गायन किया जाता है। यह उच्च स्वर में गायी जाने वाली लोक गायन शैली है।

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ढोला मारू ग्यारहवीं शताब्दी में रचित एक लोक भाषा काव्य है। मूलत: दोहों में रचित इस लोक काव्य को सत्रहवीं शताब्दी में कुशलराय वाचक ने कुछ चौपाइयाँ जोड़कर विस्तार किया। इसमें राजकुमार ढोला और राजकुमारी मारू की प्रेमकथा का वर्णन है। ‘‘ढोला-मारू’’ की कथा राजस्थान की अत्यन्त प्रसिद्ध लोक गाथा है। यह गीत मध्य प्रदेश के मालवा, निमाड़ तथा बुंदेलखण्ड में गाये जाते हैं। ढोला मारू गीत का गायन रात के समय ढोला मारू नाटक के साथ-साथ गाया जाता है। ढोला मारू गीत में प्रेम कथा का गायन किया जाता है। यह उच्च स्वर में गायी जाने वाली लोक गायन शैली है।