Correct Answer:
Option C - वायुमंडल में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड द्वारा जल से की गई अभिक्रिया के फलस्वरूप उत्पन्न H⁺ आयन के कारण वर्षाजल की pH सामान्य 5.6 होती है। जब वर्षा की pH 5.6 से कम हो जाती है, तो इसे अम्लवर्षा कहते है। अम्लवर्षा मानवीय क्रियाकलापों का उपोत्पाद होती है, जो वातावरण में नाइट्रोजन तथा सल्फर के ऑक्साइड निर्गमित करती है। सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) तथा नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) ऑक्सीकरण के पश्चात जल (H₂O) के साथ अभिक्रिया करके अम्ल वर्षा में प्रमुख योगदान देते है। अम्लवर्षा कृषि, पेड़-पौधों आदि के लिए हानिकारक होती है साथ ही अम्लवर्षा पत्थर एवं धातुओं से बनी संरचनाओं, भवनों आदि को भी हानि पहुँचाती है। ताजमहल जैसी ऐतिहासिक इमारतें अम्लवर्षा से दुष्प्रभावित हो रही है।
C. वायुमंडल में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड द्वारा जल से की गई अभिक्रिया के फलस्वरूप उत्पन्न H⁺ आयन के कारण वर्षाजल की pH सामान्य 5.6 होती है। जब वर्षा की pH 5.6 से कम हो जाती है, तो इसे अम्लवर्षा कहते है। अम्लवर्षा मानवीय क्रियाकलापों का उपोत्पाद होती है, जो वातावरण में नाइट्रोजन तथा सल्फर के ऑक्साइड निर्गमित करती है। सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) तथा नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) ऑक्सीकरण के पश्चात जल (H₂O) के साथ अभिक्रिया करके अम्ल वर्षा में प्रमुख योगदान देते है। अम्लवर्षा कृषि, पेड़-पौधों आदि के लिए हानिकारक होती है साथ ही अम्लवर्षा पत्थर एवं धातुओं से बनी संरचनाओं, भवनों आदि को भी हानि पहुँचाती है। ताजमहल जैसी ऐतिहासिक इमारतें अम्लवर्षा से दुष्प्रभावित हो रही है।