Correct Answer:
Option C - प्राचीन भारत में दो प्रमुख लिपियां थी, जिसमें ब्राह्मी लिपि को बायीं से दायीं ओर एवं खरोष्ठी लिपि दायीं से बायीं ओर लिखी जाती है। इसे विदेशी उद्गम लिपि यानी अरामाइक और सीरियाई लिपि से विकसित माना जाता है। सम्राट अशोक के शाहबाजगढ़ी और मानसेहरा (पाकिस्तान) स्थित अभिलेखों में खरोष्ठी लिपि का प्रमाण मिलता है। ‘‘एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल’’ के संस्थापक जेम्स प्रिंसेप आधुनिक युग में पहली बार ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों को पढ़ने के लिए जाने जाते हैं।
C. प्राचीन भारत में दो प्रमुख लिपियां थी, जिसमें ब्राह्मी लिपि को बायीं से दायीं ओर एवं खरोष्ठी लिपि दायीं से बायीं ओर लिखी जाती है। इसे विदेशी उद्गम लिपि यानी अरामाइक और सीरियाई लिपि से विकसित माना जाता है। सम्राट अशोक के शाहबाजगढ़ी और मानसेहरा (पाकिस्तान) स्थित अभिलेखों में खरोष्ठी लिपि का प्रमाण मिलता है। ‘‘एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल’’ के संस्थापक जेम्स प्रिंसेप आधुनिक युग में पहली बार ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों को पढ़ने के लिए जाने जाते हैं।