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Q: The District and sessions judge works directly under the control of जिला और सत्र न्यायाधीश किसके सीधे नियन्त्रण में कार्य करता है?
  • A. District Collector / जिलाधिकारी
  • B. High Court of the State/ राज्य का उच्च न्यायालय
  • C. Law Minister of the State/ राज्य का विधि मंत्री
  • D. Governor of the State / राज्य का राज्यपाल
Correct Answer: Option B - जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज्य के उच्च न्यायालय के नियंत्रण में कार्य करता है। जिला न्यायाधीश जिला न्यायालय का प्रधान होता है। वह जिले का सबसे बड़ा न्यायिक अधिकारी होता है। जिला न्यायाधीश दीवानी तथा आपराधिक दोनों प्रकार के मामलों की सुनवाई करता है। जब वह दीवानी मामलों को सुनता है तब उसे जिला न्यायाधीश तथा जब आपराधिक मामलों को सुनता है तब सत्र न्यायाधीश कहा जाता है। जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में प्रावधान अनुच्छेद 233 में दिया गया है। इसमें कहा गया है कि किसी राज्य में जिला न्यायाधीश की नियुक्ति, पदस्थापन तथा प्रोन्नति उस राज्य के राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श के बाद किया जाएगा।
B. जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज्य के उच्च न्यायालय के नियंत्रण में कार्य करता है। जिला न्यायाधीश जिला न्यायालय का प्रधान होता है। वह जिले का सबसे बड़ा न्यायिक अधिकारी होता है। जिला न्यायाधीश दीवानी तथा आपराधिक दोनों प्रकार के मामलों की सुनवाई करता है। जब वह दीवानी मामलों को सुनता है तब उसे जिला न्यायाधीश तथा जब आपराधिक मामलों को सुनता है तब सत्र न्यायाधीश कहा जाता है। जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में प्रावधान अनुच्छेद 233 में दिया गया है। इसमें कहा गया है कि किसी राज्य में जिला न्यायाधीश की नियुक्ति, पदस्थापन तथा प्रोन्नति उस राज्य के राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श के बाद किया जाएगा।

Explanations:

जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज्य के उच्च न्यायालय के नियंत्रण में कार्य करता है। जिला न्यायाधीश जिला न्यायालय का प्रधान होता है। वह जिले का सबसे बड़ा न्यायिक अधिकारी होता है। जिला न्यायाधीश दीवानी तथा आपराधिक दोनों प्रकार के मामलों की सुनवाई करता है। जब वह दीवानी मामलों को सुनता है तब उसे जिला न्यायाधीश तथा जब आपराधिक मामलों को सुनता है तब सत्र न्यायाधीश कहा जाता है। जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में प्रावधान अनुच्छेद 233 में दिया गया है। इसमें कहा गया है कि किसी राज्य में जिला न्यायाधीश की नियुक्ति, पदस्थापन तथा प्रोन्नति उस राज्य के राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श के बाद किया जाएगा।