Correct Answer:
Option B - उपरोक्त पंक्तियाँ रामधारी सिंह दिनकर कृत ‘संस्कृति के चार अध्याय’ से उद्धृत है।
⇒ यह विचारोत्तेजक पुस्तक भारत के सम्पूर्ण इतिहास को चार खण्डों में बाँटकर भारतीय संस्कृति को समझने का सार्थक प्रयास है। यह चार अध्यायों में विभक्त है-
1- भारतीय जनता की रचना और हिन्दू संस्कृति का आविर्भाव (तीन प्रकरण)
2- प्राचीन हिन्दुत्व से विद्रोह (सात प्रकरण)
3- हिन्दू संस्कृति और इस्लाम (बाहर प्रकरण)
4- भारतीय संस्कृति और यूरोप (सत्रह प्रकरण)
यह पुस्तक भारत के राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को समर्पित है एवं प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इसकी भूमिका लिखी थी।
B. उपरोक्त पंक्तियाँ रामधारी सिंह दिनकर कृत ‘संस्कृति के चार अध्याय’ से उद्धृत है।
⇒ यह विचारोत्तेजक पुस्तक भारत के सम्पूर्ण इतिहास को चार खण्डों में बाँटकर भारतीय संस्कृति को समझने का सार्थक प्रयास है। यह चार अध्यायों में विभक्त है-
1- भारतीय जनता की रचना और हिन्दू संस्कृति का आविर्भाव (तीन प्रकरण)
2- प्राचीन हिन्दुत्व से विद्रोह (सात प्रकरण)
3- हिन्दू संस्कृति और इस्लाम (बाहर प्रकरण)
4- भारतीय संस्कृति और यूरोप (सत्रह प्रकरण)
यह पुस्तक भारत के राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को समर्पित है एवं प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इसकी भूमिका लिखी थी।