Correct Answer:
Option A - जब रेखा का किसी अन्य सर्वे रेखा के सन्दर्भ में झुकाव ज्ञात किया जाता है तो यह कोण (angle) कहलाता है, और जब सर्वे रेखा की दिशा याम्योत्तर के सन्दर्भ से ज्ञात किया जाता है तो यह दिक्मान (Bearing) कहलाता है। चंक्रम सर्वेक्षक में कोण तथा दिक्मान (Bearing) क्षैतिज समतल में लिया जाता है। अत: सर्वेक्षण रेखा का दिक्मान इसका वह क्षैतिज कोण होता है जो यह याम्योत्तर से बनाती है। सत्य याम्योत्तर के संदर्भ में बना क्षैतिज कोण, सत्य दिक्मान कहलाता है।
A. जब रेखा का किसी अन्य सर्वे रेखा के सन्दर्भ में झुकाव ज्ञात किया जाता है तो यह कोण (angle) कहलाता है, और जब सर्वे रेखा की दिशा याम्योत्तर के सन्दर्भ से ज्ञात किया जाता है तो यह दिक्मान (Bearing) कहलाता है। चंक्रम सर्वेक्षक में कोण तथा दिक्मान (Bearing) क्षैतिज समतल में लिया जाता है। अत: सर्वेक्षण रेखा का दिक्मान इसका वह क्षैतिज कोण होता है जो यह याम्योत्तर से बनाती है। सत्य याम्योत्तर के संदर्भ में बना क्षैतिज कोण, सत्य दिक्मान कहलाता है।