Correct Answer:
Option D - लेनिन के द्वारा माँगी गई माँगों में प्रथम विश्वयुद्ध समाप्त होना चाहिए, कृषकों को भूमि स्थानान्तरण होना चाहिए एवं बैकों का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए शामिल था, इसे ही ‘अप्रैल थीसिस’ कहा जाता है। रूस में मार्च 1917 ई. में क्रांति हुई तो लेनिन जर्मनी की सहायता से रूस पहुुँचा। अप्रैल 1917 में वह पेट्रोग्राद में रूस की दूसरी क्रांति के लिए लोगों में उत्साह भरा एवं उसने तीन नारे दिए भूमि, शांति और रोटी। लेनिन के नेतृत्व में महान बोल्शेविक क्रांति (अक्टूबर क्रांति 1917) सम्पन्न हुई। लेनिन के द्वारा उत्पादन के साधन पर निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और उद्योगों पर मजदूरों का नियंत्रण स्थापित किया गया। बैंकों, बड़े-बड़े उद्योगों, जल परिवहन एवं रेलवे का राष्ट्रीयकरण किया गया। उसके ओदश से बड़े भूस्वामियों की भूमि किसानों की बीच पुनर्वितरित किया गया।
D. लेनिन के द्वारा माँगी गई माँगों में प्रथम विश्वयुद्ध समाप्त होना चाहिए, कृषकों को भूमि स्थानान्तरण होना चाहिए एवं बैकों का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए शामिल था, इसे ही ‘अप्रैल थीसिस’ कहा जाता है। रूस में मार्च 1917 ई. में क्रांति हुई तो लेनिन जर्मनी की सहायता से रूस पहुुँचा। अप्रैल 1917 में वह पेट्रोग्राद में रूस की दूसरी क्रांति के लिए लोगों में उत्साह भरा एवं उसने तीन नारे दिए भूमि, शांति और रोटी। लेनिन के नेतृत्व में महान बोल्शेविक क्रांति (अक्टूबर क्रांति 1917) सम्पन्न हुई। लेनिन के द्वारा उत्पादन के साधन पर निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया और उद्योगों पर मजदूरों का नियंत्रण स्थापित किया गया। बैंकों, बड़े-बड़े उद्योगों, जल परिवहन एवं रेलवे का राष्ट्रीयकरण किया गया। उसके ओदश से बड़े भूस्वामियों की भूमि किसानों की बीच पुनर्वितरित किया गया।