Correct Answer:
Option D - अध:स्लूस या निघर्षण स्लूस (Under sluices or scouring sluices)– विभाजक दीवार तथा नहर मुख के मध्य स्थित जल पॉकेट में एकत्रित सिल्ट को नदी के अनुप्रवाह में निकालने के लिये, वीयर दीवार में आयताकार निकास (दजहग्हुे) रखे जाते हैं, जिन्हें अध: स्लूस अथवा निघर्षण स्लूस कहते हैं। यह स्लूस वीयर तथा नहर मुख नियंत्रक के संगम वाले किनारे पर वीयर-पिण्ड में बनाये जाते हैं। अध: स्लूसो की सिल (एग्त्त्) नहर मुख नियन्त्रक की शिखर (Crest) से 0.9 से 1.8 मीटर नीचे रखी जाती है ताकि नदी की सिल्ट नहर में प्रवेश न कर सके।
D. अध:स्लूस या निघर्षण स्लूस (Under sluices or scouring sluices)– विभाजक दीवार तथा नहर मुख के मध्य स्थित जल पॉकेट में एकत्रित सिल्ट को नदी के अनुप्रवाह में निकालने के लिये, वीयर दीवार में आयताकार निकास (दजहग्हुे) रखे जाते हैं, जिन्हें अध: स्लूस अथवा निघर्षण स्लूस कहते हैं। यह स्लूस वीयर तथा नहर मुख नियंत्रक के संगम वाले किनारे पर वीयर-पिण्ड में बनाये जाते हैं। अध: स्लूसो की सिल (एग्त्त्) नहर मुख नियन्त्रक की शिखर (Crest) से 0.9 से 1.8 मीटर नीचे रखी जाती है ताकि नदी की सिल्ट नहर में प्रवेश न कर सके।