Explanations:
ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार ने 19वीं शताब्दी के दौरान भारत में श्रमिकों के आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए 1859 का अंतर्देशीय अधिनियम पारित किया। इसके तहत चाय बगानों के श्रमिकों को अपने अधिकारियों की अनुमति के बिना बागान छोड़ने पर रोक लगा दी गयी जबकि श्रमिकों को जंगल छोड़ने एवं शादी करने के संदर्भ से कोई भी प्रावधान इस अधिनियम में नही था।