Q: अपनी किस विशेषता के बल पर भारतीय साहित्य विश्व में अपनी पताका फहरा सकता है?
A.
मौलिकता
B.
लौकिकता
C.
समन्वय की भावना
D.
अनेकता
Correct Answer:
Option C - दिए गए गद्यांश के अनुसार भारतीय साहित्य की सबसे बड़ी विशेषता उसके मूल रूप में स्थित ‘समन्वय की भावना’ है। भारतीय साहित्य इसी ‘समन्वय की भावना’ की विशेषता पर विश्व में अपनी पताका फहरा सकता है।
C. दिए गए गद्यांश के अनुसार भारतीय साहित्य की सबसे बड़ी विशेषता उसके मूल रूप में स्थित ‘समन्वय की भावना’ है। भारतीय साहित्य इसी ‘समन्वय की भावना’ की विशेषता पर विश्व में अपनी पताका फहरा सकता है।
Explanations:
दिए गए गद्यांश के अनुसार भारतीय साहित्य की सबसे बड़ी विशेषता उसके मूल रूप में स्थित ‘समन्वय की भावना’ है। भारतीय साहित्य इसी ‘समन्वय की भावना’ की विशेषता पर विश्व में अपनी पताका फहरा सकता है।
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