Correct Answer:
Option B - पूर्ण प्रतिरोध स्पॉट वेल्ड चक्र को चार भागों में विभाजित किया जाता है। इसमें ताँबे अथवा काँसे की बनी हुई चल तथा स्थिर दो भुजाओं में जकड़े हुए ताँबे के दो इलेक्ट्रोड्स होते है; जो एक स्टैप डाउन वेल्डिंग ट्रांसफार्मर से निम्न वोल्टता पर उच्च धारा प्राप्त करते हैं। वेल्ड की जाने वाली धातुओं को दोनों इलेक्ट्रोडो के मध्य व्यवस्थित करके चल इलेक्ट्रोड से यांत्रिक दाब लगाया जाता है। धारा तथा स्पर्श प्रतिरोध के कारण दोनों प्लेटों के मध्य स्पर्श बिन्दुओं पर अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है। इस प्रकार दाब तथा ऊष्मा के कारण दोनों प्लेटे स्पर्श बिन्दुओं पर पिघलकर वेल्ड हो जाती हैं।
B. पूर्ण प्रतिरोध स्पॉट वेल्ड चक्र को चार भागों में विभाजित किया जाता है। इसमें ताँबे अथवा काँसे की बनी हुई चल तथा स्थिर दो भुजाओं में जकड़े हुए ताँबे के दो इलेक्ट्रोड्स होते है; जो एक स्टैप डाउन वेल्डिंग ट्रांसफार्मर से निम्न वोल्टता पर उच्च धारा प्राप्त करते हैं। वेल्ड की जाने वाली धातुओं को दोनों इलेक्ट्रोडो के मध्य व्यवस्थित करके चल इलेक्ट्रोड से यांत्रिक दाब लगाया जाता है। धारा तथा स्पर्श प्रतिरोध के कारण दोनों प्लेटों के मध्य स्पर्श बिन्दुओं पर अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है। इस प्रकार दाब तथा ऊष्मा के कारण दोनों प्लेटे स्पर्श बिन्दुओं पर पिघलकर वेल्ड हो जाती हैं।