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Q: Consider the following statements and select the correct answer from the codes given below: निम्नलिखित वक्तव्यों पर विचार कीजिए तथा नीचे के कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए : Assertion-(A): In most raining period Gautam Buddha lived in Shravasti. कथन (A) सर्वाधिक वर्षा वासों में गौतम बुद्ध श्रावस्ती में रहे। Reason-(R): The king of Shravasti prasenjita was of the similar age to Buddha. कारण (R) श्रावस्ती के राजा प्रसेनजित गौतम बुद्ध की आयु के थे। Codes:/कूट :
  • A. (A) और (R) दोनों सही हैं तथा A की सही व्याख्या (R) है
  • B. (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (A) की सही व्याख्या (R) नहीं है
  • C. (A) सही है, किन्तु (R) गलत है
  • D. (A) गलत है, किन्तु (R) सही है
Correct Answer: Option B - बौद्ध धर्म का सबसे अधिक प्रचार कोशल राज्य में हुआ था। इसकी राजधानी श्रावस्ती थी। यहाँ पर बुद्ध ने 21 वर्षा-वास (सर्वाधिक) किये। श्रावस्ती में ही अनाथपिण्डक नामक एक अत्यन्त धनी व्यापारी ने उनकी शिष्यता ग्रहण की तथा संघ के लिए जेतवन विहार को, 18 करोड़ स्वर्ण मुद्राओं में राजकुमार जेत से खरीदकर प्रदान किया है। कोशल नरेश प्रसेनजित एवं अवन्ती नरेश प्रद्योत गौतमबुद्ध के समकालीन थे। प्रसेनजित ने अपने परिवार के साथ बुद्ध की शिष्यता ग्रहण की थी तथा संघ के लिए `पुब्बाराम' नामक विहार बनवाया था। कोशल राज्य में बुद्ध के सर्वाधिक अनुयायी बन गये थे। अत: दोनों कथन सही हैं किन्तु कथन A की सही व्याख्या R नहीं है।
B. बौद्ध धर्म का सबसे अधिक प्रचार कोशल राज्य में हुआ था। इसकी राजधानी श्रावस्ती थी। यहाँ पर बुद्ध ने 21 वर्षा-वास (सर्वाधिक) किये। श्रावस्ती में ही अनाथपिण्डक नामक एक अत्यन्त धनी व्यापारी ने उनकी शिष्यता ग्रहण की तथा संघ के लिए जेतवन विहार को, 18 करोड़ स्वर्ण मुद्राओं में राजकुमार जेत से खरीदकर प्रदान किया है। कोशल नरेश प्रसेनजित एवं अवन्ती नरेश प्रद्योत गौतमबुद्ध के समकालीन थे। प्रसेनजित ने अपने परिवार के साथ बुद्ध की शिष्यता ग्रहण की थी तथा संघ के लिए `पुब्बाराम' नामक विहार बनवाया था। कोशल राज्य में बुद्ध के सर्वाधिक अनुयायी बन गये थे। अत: दोनों कथन सही हैं किन्तु कथन A की सही व्याख्या R नहीं है।

Explanations:

बौद्ध धर्म का सबसे अधिक प्रचार कोशल राज्य में हुआ था। इसकी राजधानी श्रावस्ती थी। यहाँ पर बुद्ध ने 21 वर्षा-वास (सर्वाधिक) किये। श्रावस्ती में ही अनाथपिण्डक नामक एक अत्यन्त धनी व्यापारी ने उनकी शिष्यता ग्रहण की तथा संघ के लिए जेतवन विहार को, 18 करोड़ स्वर्ण मुद्राओं में राजकुमार जेत से खरीदकर प्रदान किया है। कोशल नरेश प्रसेनजित एवं अवन्ती नरेश प्रद्योत गौतमबुद्ध के समकालीन थे। प्रसेनजित ने अपने परिवार के साथ बुद्ध की शिष्यता ग्रहण की थी तथा संघ के लिए `पुब्बाराम' नामक विहार बनवाया था। कोशल राज्य में बुद्ध के सर्वाधिक अनुयायी बन गये थे। अत: दोनों कथन सही हैं किन्तु कथन A की सही व्याख्या R नहीं है।