Correct Answer:
Option B - ● अष्ठिफल - इन फलों की बाह्य फलभित्ति फल काट्ठिलका बनाती है तथा मध्य फलभित्ती गूदेदार अथवा रेशेदार तथा अंत: फलभित्ति कठोर होता है। जैसे- नारियल, आम, आडू, चेरी, अखरोट, बेर, बादाम आदि।
● हेस्पिरीडियम - ये फल बहुकोष्ठीय होते है। फल के कोष्ठक फाँको के रूप में होते हैं बाह्य फलभित्ति मोटी, इसमें तेल ग्रन्थियाँ पाई जाती है। मध्य फलभित्ती सफ़ेद रेशे के रूप में और अन्त: फलभित्ति से अनेक एककोशिकीय रस भरे रोम निकलते है जैसे- सन्तरा, नीबू, चकोतरा तथा मौसमी आदि।
B. ● अष्ठिफल - इन फलों की बाह्य फलभित्ति फल काट्ठिलका बनाती है तथा मध्य फलभित्ती गूदेदार अथवा रेशेदार तथा अंत: फलभित्ति कठोर होता है। जैसे- नारियल, आम, आडू, चेरी, अखरोट, बेर, बादाम आदि।
● हेस्पिरीडियम - ये फल बहुकोष्ठीय होते है। फल के कोष्ठक फाँको के रूप में होते हैं बाह्य फलभित्ति मोटी, इसमें तेल ग्रन्थियाँ पाई जाती है। मध्य फलभित्ती सफ़ेद रेशे के रूप में और अन्त: फलभित्ति से अनेक एककोशिकीय रस भरे रोम निकलते है जैसे- सन्तरा, नीबू, चकोतरा तथा मौसमी आदि।