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Q: The cavitations and pitting can be prevented by creating which one of the following conditions? निम्नलिखित में से कौन-सी एक स्थिति उत्पन्न कर कोटरण और धातु में छिद्रण को रोका जा सकता है?
  • A. Reducing the pressure head दाब शीर्ष को कम करके
  • B. Reducing the velocity head वेग शीर्ष को कम करके
  • C. Increasing the elevation head ऊँचाई शीर्ष को बढ़ा करके
  • D. Reducing the piezo metric head पीजो मीट्रिक शीर्ष को कम करके
Correct Answer: Option B - कोटरण (Cavitation)–तरल के प्रवाह के दौरान यदि किसी जगह का दाब तरल के वाष्प दाब से कम या बराबर हो जाता है तो तरल में घुली हुई गैसे या तरल वाष्पित होने लगता है जिससे छोटे-छोटे बुलबुले बनते हैं और तरल के प्रवाह के साथ बहने लगते हैं जो आगे चलकर दाब बढ़ने पर बड़े बुलबुले का स्वरूप ले लेते हैं। दाब के अत्यधिक होने के कारण तरल की आघात तीव्र गति से बुलबुले पर प्रहार करती है जिसके कारण बुलबुला दृढ़ सीमा पर जाकर फूट जाता है और उस जगह पर धातु में छिद्रण (Pitting) कर देता है जिससे कि धातु का क्षरण (Errosion) हो जाता है तथा कुछ दिन बाद वही पर संक्षारण (Corrosion) शुरू हो जाता है। इस घटना को ही कोटरण (Cavitation) कहते हैं। वेग शीर्ष (Velocity head) को कम करके कोटरण तथा छिद्रण (Pitting) को रोका जा सकता है।
B. कोटरण (Cavitation)–तरल के प्रवाह के दौरान यदि किसी जगह का दाब तरल के वाष्प दाब से कम या बराबर हो जाता है तो तरल में घुली हुई गैसे या तरल वाष्पित होने लगता है जिससे छोटे-छोटे बुलबुले बनते हैं और तरल के प्रवाह के साथ बहने लगते हैं जो आगे चलकर दाब बढ़ने पर बड़े बुलबुले का स्वरूप ले लेते हैं। दाब के अत्यधिक होने के कारण तरल की आघात तीव्र गति से बुलबुले पर प्रहार करती है जिसके कारण बुलबुला दृढ़ सीमा पर जाकर फूट जाता है और उस जगह पर धातु में छिद्रण (Pitting) कर देता है जिससे कि धातु का क्षरण (Errosion) हो जाता है तथा कुछ दिन बाद वही पर संक्षारण (Corrosion) शुरू हो जाता है। इस घटना को ही कोटरण (Cavitation) कहते हैं। वेग शीर्ष (Velocity head) को कम करके कोटरण तथा छिद्रण (Pitting) को रोका जा सकता है।

Explanations:

कोटरण (Cavitation)–तरल के प्रवाह के दौरान यदि किसी जगह का दाब तरल के वाष्प दाब से कम या बराबर हो जाता है तो तरल में घुली हुई गैसे या तरल वाष्पित होने लगता है जिससे छोटे-छोटे बुलबुले बनते हैं और तरल के प्रवाह के साथ बहने लगते हैं जो आगे चलकर दाब बढ़ने पर बड़े बुलबुले का स्वरूप ले लेते हैं। दाब के अत्यधिक होने के कारण तरल की आघात तीव्र गति से बुलबुले पर प्रहार करती है जिसके कारण बुलबुला दृढ़ सीमा पर जाकर फूट जाता है और उस जगह पर धातु में छिद्रण (Pitting) कर देता है जिससे कि धातु का क्षरण (Errosion) हो जाता है तथा कुछ दिन बाद वही पर संक्षारण (Corrosion) शुरू हो जाता है। इस घटना को ही कोटरण (Cavitation) कहते हैं। वेग शीर्ष (Velocity head) को कम करके कोटरण तथा छिद्रण (Pitting) को रोका जा सकता है।