Correct Answer:
Option C - ‘ज’ ध्वनि महाप्राण ध्वनि नहीं है। महाप्राण ध्वनियों के उच्चारण में ‘हकार’ जैसी ध्वनि विशेष रूप से रहती है और इसमें वायु (श्वास) अधिक मात्रा में लगती है। प्रत्येक वर्ग का दूसरा एवं चौथा वर्ण महाप्राण होता है। जबकि अल्पप्राण ध्वनियों में अपेक्षाकृत कम वायु प्रयुक्त होती है। प्रत्येक वर्ग का पहला, तीसरा, पाँचवाँ तथा य, र, ल, व अल्पप्राण ध्वनियाँ हैं।
C. ‘ज’ ध्वनि महाप्राण ध्वनि नहीं है। महाप्राण ध्वनियों के उच्चारण में ‘हकार’ जैसी ध्वनि विशेष रूप से रहती है और इसमें वायु (श्वास) अधिक मात्रा में लगती है। प्रत्येक वर्ग का दूसरा एवं चौथा वर्ण महाप्राण होता है। जबकि अल्पप्राण ध्वनियों में अपेक्षाकृत कम वायु प्रयुक्त होती है। प्रत्येक वर्ग का पहला, तीसरा, पाँचवाँ तथा य, र, ल, व अल्पप्राण ध्वनियाँ हैं।