Correct Answer:
Option A - ∎ अम्लीय अग्नि सह ईटों का उपयोग ऐसी भट्टियों में किया जाता है जिसमें बनने वाला धातुमल (Slag) अम्लीय प्रकृति का होता हैं ये साधारण तथा सिलिका दो प्रकार की ईटें होती है। उदासीन अग्नि-सह ईंट जो अम्लीय क्षारीय दोनों प्रकार के धातुमल से बनता है।
∎ क्षारीय अग्नि सह ईटें ऐसी भट्टियों के लिए उपयुक्त है जिसमें धातुमल क्षारीय होता है ये डोलोमाइट और मैग्नीशिया (मेग्नेसाइट) दो प्रकार की होती है।
A. ∎ अम्लीय अग्नि सह ईटों का उपयोग ऐसी भट्टियों में किया जाता है जिसमें बनने वाला धातुमल (Slag) अम्लीय प्रकृति का होता हैं ये साधारण तथा सिलिका दो प्रकार की ईटें होती है। उदासीन अग्नि-सह ईंट जो अम्लीय क्षारीय दोनों प्रकार के धातुमल से बनता है।
∎ क्षारीय अग्नि सह ईटें ऐसी भट्टियों के लिए उपयुक्त है जिसमें धातुमल क्षारीय होता है ये डोलोमाइट और मैग्नीशिया (मेग्नेसाइट) दो प्रकार की होती है।